न्यूज़ डेस्क : ईरान की राजधानी तेहरान में देश के सुप्रीम लीडर रहे आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई के अंतिम संस्कार समारोह में शामिल होने के लिए लोगों की भीड़ बढ़ती जा रही है. ईरानी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार तेहरान के मोसल्ला स्थित मस्जिद में लोगों की संख्या बढ़ने की वजह से समारोह स्थल के उत्तरी दरवाज़े भी खोल दिए गए हैं. ख़ामेनेई के ताबूत को तेहरान के ‘ग्रैंड मोसल्ला’ में रखा गया है.
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ईरानी अधिकारियों का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि ईरान और इराक़ के विभिन्न शहरों में आयोजित होने वाले छह दिवसीय समारोह में डेढ़ से दो करोड़ लोग शामिल होंगे. इस बीच, इराक़ के समाचार सूत्रों का कहना है कि बुधवार को अली ख़ामेनेई के अंतिम संस्कार के लिए देश की राजधानी बगदाद में बंद रहेगा. ख़ामेनेई का अंतिम संस्कार समारोह गुरुवार को उनके गृह नगर मशहद में समाप्त होगा, जहां उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी.

भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने दी श्रद्धांजलि

इधर तेहरान में भारत सरकार के आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल ने ईरान के सुप्रीम लीडर रहे अली ख़ामेनेई को श्रद्धांजलि दी है. प्रतिनिधिमंडल में बिहार के गवर्नर सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्र मार्गेरिटा शामिल हैं. बिहार के राज्यपाल के सोशल मीडिया हैंडल पर सेरेमनी की तस्वीरें साझा की गई हैं और एक बयान जारी किया गया है.
बयान में कहा गया, “विदेश राज्य मंत्री पबित्र मार्गेरिटा के साथ आज (शुक्रवार) तेहरान में आयतुल्लाह सैयद अली ख़ामेनेई के अंतिम संस्कार समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व किया और हालिया संघर्ष में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति भी गहरी संवेदना व्यक्त की.”
विदेश राज्य मंत्री पबित्र मार्गेरिटा ने भी अपने सोशल मीडिया हैंडल पर तस्वीरें साझा की हैं. उन्होंने कहा, “बिहार के राज्यपाल और मैंने तेहरान में ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह सैयद अली ख़ामेनेई के अंतिम संस्कार समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व किया. हमने भारत सरकार और भारत की जनता की ओर से अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की.”
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा
इधर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ने ईरान को उनके सुप्रीम लीडर रहे अली ख़ामेनेई के अंतिम संस्कार की रस्में पूरी करने के लिए एक हफ़्ते का समय दिया है. ट्रंप ने ये बातें अमेरिका की स्थापना के 250 साल पूरे होने की पूर्व संध्या पर अपने ऐतिहासिक भाषण में कहीं. उन्होंने कहा, “हमने ईरान को बुरी तरह हराया. अब वे समझौता करने के लिए बेताब हैं. वे बहुत ज़्यादा बेताब हैं. हमने अंतिम संस्कार की रस्मों के लिए उन्हें एक हफ़्ते का समय दिया है, क्योंकि हम अच्छे हैं.”




