Friday, July 3, 2026

जमशेदपुर आज बन चुका है चापड़पुर, पूरे राज्य की विधि व्यवस्था वेंटिलेटर पर : भाजपा

रांची : भाजपा प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने बिगड़ी कानून व्यवस्था को लेकर जमशेदपुर और आदित्यपुर में पार्टी के द्वारा बुलाए गए बंद के दौरान मिले अपार जनसमर्थन को ऐतिहासिक करार दिया है। उन्होंने कहा कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के आह्वान पर बुलाए इस बंदी कार्यक्रम में जमशेदपुर, आदित्यपुर के सभी प्रतिष्ठानों, सभी कंपनियों, ठेला खोमचे वालों तक ने, हर एक नागरिक ने सहयोग किया। यह बंद स्वत: स्फूर्त रहा। जनता ने साबित कर दिया कि यह सिर्फ एक पार्टी का प्रतिरोध नहीं है बल्कि यह आम जनता का प्रतिरोध है।

इसे भी पढ़ें: रिम्स जमीन घोटाला मामले की जांच में ACB का बड़ा खुलासा, प्रॉपर्टी डीलर प्रमोद महतो मास्टरमाइंड

बंदी में समर्थन 

साढ़े छह साल में इस अहंकारी राज्य सरकार का पहली बार जनता ने अहंकार तोड़ने का काम किया है। आज की बंदी सरकार की आँखे खोलने के लिए काफी है। अब राज्य सरकार के विवेक पर निर्भर है कि इस बंदी से मिले संदेश को वह सकारात्मक लेती है या नकारात्मक। उन्होंने बंदी में समर्थन के लिए जमशेदपुर, आदित्यपुर की जनता, पार्टी के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं को पार्टी की तरफ से साधुवाद दिया है। प्रदेश महामंत्री प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान प्रेस वार्ता में प्रदेश मीडिया प्रभारी योगेन्द्र प्रताप सिंह, प्रदेश प्रवक्ता रमाकांत महतो, दीनदयाल बरनवाल और रवि नाथ किशोर भी मौजूद थे।

सस्ती राजनीति पाने की कोशिश

प्रदेश महामंत्री ने कहा कि राज्य सरकार को सस्ती राजनीति से बाज आनी चाहिए। राज्य सरकार, सत्ता में शामिल पार्टियां, साथ ही उनके समर्थन में चलाए जा रहे सोशल मीडिया हैंडल के द्वारा इस मामले को जो डायवर्ट करने का प्रयास किया गया, उसे जमशेदपुर की जनता ने आईना दिखाने काम किया है। सत्ता में शामिल दलों द्वारा गलत नेगेटिव फैलाने की कोशिश को भी जनता ने खारिज कर दिया है।

जमशेदपुर की जो नृशंस घटना घटी है और पुलिस ने जो कृत्य किया है उसकी पूरी जवाबदेही राज्य सरकार की है। राज्य सरकार को इस मामले में निर्दोषों को फंसाने, मामले को दूसरी दिशा देने की बजाय वास्तविक दोषियों पर कार्रवाई करनी चाहिए। पूरे राज्य में कहीं भी जनता पर अत्याचार और शोषण होगा, जनता तकलीफ में होगी, भारतीय जनता पार्टी एक सकारात्मक विपक्ष की भूमिका में वहां खड़ी दिखेगी।

जमशेदपुर बना चापड़पुर

प्रदेश महामंत्री ने कहा कि जमशेदपुर आज चापड़पुर बन गया है। पूरे राज्य में विधि व्यवस्था वेंटिलेटर पर है। यह स्थिति एक दिन में नहीं बनी है। इसकी शुरुआत 2019 में हेमंत सरकार के गठन के साथ ही प्रारंभ हो गई थी। इस सरकार ने हमेशा विधि व्यवस्था से समझौता करने का काम किया है। 2019 में जैसे ही सरकार बनी, चाईबासा में सात लोगों की गर्दन काटकर हत्या कर दी गई थी। यही से इस सरकार की शुरुआत हुई। फिर एसपी, थानों की बोली लगनी शुरू हो गई, अवैध कारोबारों की खुली छूट दी गई, पूरे पुलिस तंत्र को अवैध वसूली में लगा दिया गया।

पुलिस के पदस्थापन में एकमुश्त तो पैसा लिया ही जाने लगा, बीच-बीच में टॉप अप भी करने की नई परंपरा की शुरुआत हो गई। इसका नतीजा यह हुआ कि धीरे-धीरे पुलिस की साख गिरती चली गई और ईमानदार पुलिस कर्मियों का मनोबल गिरता चला गया। आज जमशेदपुर की घटना बताती है कि राज्य की पुलिस की साख किस स्तर तक नीचे जा चुकी है।

खुलेआम नशे का अवैध कारोबार

प्रदेश महामंत्री ने कहा कि जमशेदपुर की शांति भंग हो चुकी है। खुलेआम नशे का अवैध कारोबार किया जा रहा है। सबसे ज्यादा ड्रग्स और ब्राउन शुगर का इस्तेमाल जमशेदपुर, आदित्यपुर में हो रहा है। पूरा झारखंड सूखे नशे की जद में है। मुख्यमंत्री का नशा मुक्ति का लगा पोस्टर केवल छलावा साबित हुआ है।

उड़ता पंजाब की तर्ज पर झारखंड भी उसी राह पर बढ़ चला है। युवा नशे के चंगुल में हैं। नशे के कारोबार का एक बड़ा हिस्सा सीधे मुख्यमंत्री और सरकार के हाथों तक पहुंच रहा है। इसके पीछे बड़ा सिंडिकेट है। सिर्फ पुलिस अधिकारियों के तबादले से व्यवस्था दुरुस्त नहीं हो सकती है इसके लिए पुलिस प्रशासन और सरकार को अपना खोया इकबाल फिर से वापस लाना होगा।

लॉ एंड ऑर्डर आर्डर का राज

प्रदेश महामंत्री ने कहा कि पूरे प्रदेश में लॉ एंड ऑर्डर आर्डर का राज स्थापित हो, इस प्रकार की चापड़ वाली घटना की अब जमशेदपुर या कहीं पुनरावृत्ति नहीं हो, जमशेदपुर सहित पूरे राज्य में अपराध नियंत्रण की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं, नशे के कारोबार पर सख्ती से रोक लगाई जाए, वहीं जमशेदपुर मामले में जिन पुलिस कर्मियों की मौजूदगी में हत्या हुई है उन पुलिस कर्मियों पर मुकदमा चलाया जाए। इन पुलिस कर्मियों ने अपना दायित्व तो निभाने में कोताही बरती ही, साथ ही युवक के इलाज में भी लापरवाही बरती। आज अगर पुलिस सजग होती तो वह युवा आज जिंदा होता। जमशेदपुर की घटना से पूरा राज्य आक्रोशित है। पुलिस प्रशासन का इकबाल पूरी तरह खत्म हो चुका है।

spot_img

एयर नाउ स्पेशल

AIR NOW Exclusive: झारखंड शिक्षक भर्ती में किसी को...

ग्राउन्ड रिपोर्ट: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राजधानी रांची के खेलगांव में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में 1,042 नव नियुक्त सहायक आचार्यों...
- Advertisement -spot_img

सोशल मीडिया

25,000FansLike
33,000FollowersFollow
500FollowersFollow
112,000SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

ट्रेंडिंग खबर