देवघर: मोबाइल की घंटी बजती थी, दूसरी ओर से मधुर आवाज में कहा जाता था— “आपका पार्सल डिलीवरी के लिए तैयार है, बस एक छोटी सी प्रक्रिया पूरी करनी होगी।” ग्राहक भरोसा कर लेता था और कुछ ही मिनटों में उसकी गाढ़ी कमाई साइबर ठगों के खातों में पहुंच जाती थी। पार्सल डिलीवरी और नकद भुगतान का झांसा देकर लोगों को ठगने वाले ऐसे ही एक शातिर गिरोह का देवघर साइबर थाना पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने चार साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है.
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पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर के निर्देश पर चलाए गए विशेष अभियान में धर्मराज कुमार सिंह, सत्यम कुमार सिंह, गौतम कुमार सिंह और राजाराम कुमार सिंह को गिरफ्तार किया गया। सभी आरोपी बिहार के नवादा जिले के निवासी हैं और संगठित तरीके से साइबर ठगी के धंधे में सक्रिय थे।
ऑनलाइन खरीदारी करने वालों को निशाना
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ऑनलाइन खरीदारी करने वाले लोगों को निशाना बनाते थे। वे खुद को प्रतिष्ठित कंपनियों का ग्राहक सेवा प्रतिनिधि बताकर फोन करते और पार्सल डिलीवरी, नकद भुगतान अथवा ऑर्डर रद्द होने जैसी मनगढ़ंत बातें कहकर लोगों को भ्रमित करते थे। इसके बाद वे गोपनीय जानकारियां हासिल कर बैंक खातों से रकम उड़ाने का खेल खेलते थे। ठगी की पूरी पटकथा इतनी सुनियोजित होती थी कि पीड़ित को ठगे जाने का एहसास तब होता था, जब खाते से रुपये निकल चुके होते थे।
शातिरों से बरामद सामान
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से पांच मोबाइल फोन, सात सिम कार्ड और एक प्रतिबिंब सिम बरामद किया है। बरामद उपकरणों की जांच से कई और राज खुलने की उम्मीद है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि गिरोह का नेटवर्क किन-किन राज्यों तक फैला हुआ है और अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बना चुका है।
पुलिस की लोगों से अपील
पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा है कि किसी भी अनजान कॉल, संदिग्ध लिंक या ग्राहक सेवा के नाम पर मांगी गई गोपनीय जानकारी साझा न करें। एक छोटी सी लापरवाही आपकी मेहनत की कमाई को पल भर में साइबर अपराधियों की झोली में पहुंचा सकती है।




