पटना: बिहार विधान परिषद के सदस्य पद पर पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश के मनोनयन को लेकर बुधवार को कैबिनेट की मुहर लग गई। कैबिनेट की मंजूरी के उपरांत राज्यपाल सचिवालय को अनुशंसा भेज दी गई है। बता दें कि देवेश कुमार के पिछले दिनों विधान परिषद से इस्तीफा देने से रिक्त हुई सीट की सूचना सोमवार को विधान परिषद सचिवालय ने निर्वाचन विभाग को भेजी थी। इसके बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने खाली पड़े मनोनयन सीट को भरने के लिए राज्यपाल सचिवालय को जानकारी दी गई थी।
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राज्यपाल ने किया मनोनीत
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के आधार पर राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने दीपक प्रकाश को विधान परिषद का सदस्य मनोनीत किया है। दीपक प्रकाश का कार्यकाल 16 मार्च 2027 तक होगा। बताया जा रहा है कि गुरुवार को दीपक प्रकाश विधान परिषद सदस्य पद की शपथ ले सकते हैं। विधान परिषद सचिवालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार दीपक प्रकाश को सभापति के कार्यालय कक्ष में शपथ दिलाई जा सकती है.
सुप्रीम कोर्ट ने मांगा था जवाब
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने पिछले महीने सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की थी कि बगैर किसी सदन के सदस्य रहते हुए दीपक प्रकाश के पंचायती राज मंत्री के पद पर कैसे बने हुए हैं. इस संबंध में सरकार से सुप्रीम कोर्ट ने जवाब मांगा था। इसके बाद ही आनन-फानन में भाजपा एमएलसी देवेश कुमार से त्यागपत्र लेकर दीपक प्रकाश के लिए जगह बनाई थी। देवेश कुमार को साल 2021 में मनोनीत किया गया था.
पूर्वी क्षेत्रीय परिषद का सदस्य नियुक्त
इधर राज्य सरकार के गृह विभाग की विशेष शाखा ने बुधवार को अधिसूचना जारी कर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और उच्च शिक्षा एवं विधि मंत्री संजय सिंह टाइगर को पूर्वी क्षेत्रीय परिषद के लिए बिहार के सदस्य के रूप में नामित किया है। इसके साथ ही राज्य के मुख्य सचिव और गृह सचिव को सलाहकार नामित किया गया है। बता दें कि पूर्वी क्षेत्रीय परिषद बिहार, बंगाल, ओडिशा और झारखंड जैसे राज्यों की संस्था है, जिसका उद्देश्य राज्यों के बीच बेहतर समन्वय एवं सहयोग बनाना है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इसके अध्यक्ष हैं।


