रांची: झारखंड में चल रहे छात्र आंदोलन और विभिन्न मुद्दों को लेकर आयोजित विधायक दल की बैठक के बाद राज्य की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है. बैठक समाप्त होने के बाद सत्ता पक्ष के नेताओं और मंत्रियों ने आंदोलन, जांच प्रक्रिया और आगे की रणनीति को लेकर महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की हैं. छात्रों के आंदोलन और उनकी मांगों को देखते हुए एक विशेष प्रतिनिधिमंडल का गठन किया गया है. इस प्रतिनिधिमंडल में सरकार में शामिल सभी घटक दलों के विधायक शामिल रहेंगे.
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विधायक दल की बैठक के बाद कांग्रेस विधायक अनूप सिंह (जयमंगल सिंह) ने एक बड़ा और सख्त बयान दिया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार या किसी भी तरह की गड़बड़ी को लेकर पूरी तरह सख्त रुख अपनाए हुए हैं.
अनूप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया है कि यदि जांच के सिलसिले में ‘सीएम हाउस’ में भी छापेमारी (रेड) करने की जरूरत पड़ेगी, तो प्रशासन पीछे नहीं हटेगा. उन्होंने आगे कहा कि इस गड़बड़ी में चाहे सरकार के अंदर के लोग शामिल हों या सरकार के बाहर के, किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
दूसरी तरफ, वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने विधायक दल की बैठक के बाद कमेटी के स्वरूप और उद्देश्य को लेकर स्थिति स्पष्ट की. उन्होंने कहा कि जिस कमेटी का गठन किया गया है, उसका मुख्य मकसद छात्रों से सीधे वार्ता करना नहीं, बल्कि पूरे छात्र आंदोलन पर लगातार नजर बनाए रखना है. वित्त मंत्री ने आगे कहा सरकार ने अपनी बात और मंशा छात्रों तक पहुंचा दी है कि मामले में जो भी जरूरी और कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए, वह की जा रही है. आंदोलन के समाधान का रास्ता निकालते हुए उन्होंने कहा कि परिस्थिति के अनुसार हो सकता है कि छात्रों को दो कदम पीछे हटना पड़े और सरकार को भी दो कदम आगे बढ़ना पड़े.


