रांची : राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार की गरिमामयी उपथिति में आज ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ के अवसर पर लोक भवन के बिरसा मंडप में सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें लोक भवन परिवार के सभी सदस्यों एवं आमंत्रित स्कूली बच्चों ने सक्रियता से भाग लिया।
राज्यपाल ने इस अवसर पर कहा कि योग सम्पूर्ण विश्व को भारत का अनुपम उपहार है। यह केवल शारीरिक व्यायाम तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वस्थ, संतुलित एवं सार्थक जीवन जीने की एक समग्र जीवन-पद्धति है। योग शरीर, मन और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित कर व्यक्ति को आत्म-अनुशासन, सकारात्मक सोच और आंतरिक शांति की ओर अग्रसर करता है।
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स्वस्थ जीवनशैली का सशक्त माध्यम
राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व एवं अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 21 जून को ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ के रूप में मनाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया। यह भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की वैश्विक स्वीकृति के साथ-साथ मानव कल्याण के प्रति भारत की प्रतिबद्धता का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज योग विश्व बंधुत्व, स्वस्थ जीवनशैली और वैश्विक कल्याण का सशक्त माध्यम बन चुका है।
योग की उपयोगिता
राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान समय में जब पूरी दुनिया तनाव, असंतुलित जीवनशैली तथा विभिन्न स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का सामना कर रही है, तब योग एक प्रभावी, सरल और प्राकृतिक समाधान के रूप में उभरकर सामने आया है। कोरोना महामारी के दौरान भी योग की उपयोगिता को विश्वभर ने अनुभव किया। योग ने न केवल रोग प्रतिरोधक क्षमता को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य, आत्मविश्वास और सकारात्मक दृष्टिकोण को भी मजबूत बनाया।
सकारात्मक सोच का विकास
राज्यपाल ने बड़ी संख्या में बच्चों की सहभागिता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यार्थियों के लिए योग केवल स्वास्थ्य का साधन नहीं, बल्कि एकाग्रता, अनुशासन, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व विकास का मजबूत आधार है। नियमित योगाभ्यास से जीवन में संतुलन, धैर्य और सकारात्मक सोच का विकास होता है। राज्यपाल ने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि योग को केवल एक दिवस के आयोजन तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपनी दैनिक जीवनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाएं।
विकसित भारत की सुदृढ़ आधारशिला
उन्होंने कहा कि स्वस्थ व्यक्ति, स्वस्थ परिवार और स्वस्थ समाज ही विकसित भारत की सुदृढ़ आधारशिला बन सकते हैं। उन्होंने सभी नागरिकों से स्वस्थ, जागरूक और सशक्त भारत के निर्माण के लिए योग को जन-जन का अभियान बनाने का आह्वान किया तथा समाज में स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के प्रति व्यापक जनजागरण की आवश्यकता पर बल दिया। इस अवसर पर 253 लोगों ने सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम में भाग लिया।




