रांची : झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए हुए चुनाव में आखिरकार तस्वीर साफ हो गई। झारखंड मुक्ति मोर्चा के उम्मीदवार बैद्यनाथ राम और निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवाणी ने जीत दर्ज कर ली है। वहीं कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को हार का सामना करना पड़ा। मतगणना में सबसे चौंकाने वाला तथ्य तीन वोटों का अमान्य होना रहा। चुनाव परिणाम के अनुसार बैद्यनाथ राम को 31 वोट, परिमल नाथवाणी को 28 वोट और कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को 20 वोट मिले। तीन मत अमान्य घोषित किए गए.
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चौथी बार पहुंचे राज्यसभा
राज्यसभा चुनाव में मिली इस जीत के साथ ही परिमल नाथवानी ने रिकॉर्ड चौथी बार राज्यसभा पहुंचने का गौरव हासिल किया है. इससे पहले दो बार बतौर निर्दलीय सांसद वह झारखंड से और एक बार आंध्र प्रदेश के वाईएसआर कांग्रेस के टिकट पर राज्यसभा सांसद बन चुके हैं. वर्तमान में उनका कार्यकाल 21 जून को खत्म हो रहा था.
परिमल नाथवानी के सियासी सफर की शुरुआत साल 2008 में झारखंड से हुई थी, तब उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा था और राजद समेत कई अन्य दलों के अप्रत्याशित समर्थन से पहली बार संसद पहुंचे थे. इसके बाद साल 2014 में बीजेपी और आजसू के समर्थन से निर्विरोध राज्यसभा के लिए चुन लिए गए. 2019 के विधानसभा चुनाव पक्ष में नहीं होने के कारण साल 2020 में उन्होंने आंध्र प्रदेश का रूख किया और आंध्र प्रदेश से वाईएसआर कांग्रेस के टिकट पर राज्यसभा पहुंचे.
भाजपा ने मनाया जश्न
जादुई आंकड़ा नहीं होने के बावजूद राज्यसभा चुनाव में एक सीट पर एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी की जीत पर भाजपा विधायकों ने विधानसभा में ही जश्न मनाया. नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के कार्यालय में सभी ने एक दूसरे को मिठाई खिला कर बधाई दी.




