नई दिल्ली : शिवसेना (यूबीटी) ने गुरुवार को दिल्ली में संसद भवन स्थित पार्टी कार्यालय में सांसदों की बैठक बुलाई थी, जिसमें कुल नौ में से तीन सांसद ही शामिल हुए. छह सांसद बैठक में शामिल नहीं हुए. बैठक में लोकसभा सांसद अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राजाभाऊ वाजे मौजूद रहे. इनके साथ पार्टी के इकलौते राज्यसभा सांसद संजय राउत भी शामिल हुए.
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मीडिया में अनिल देसाई ने कहा
अनिल देसाई ने संसदीय दल की बैठक में शामिल होने के बाद मीडिया से कहा, “जो सांसद बैठक में नहीं आए हैं, उन्हें नोटिस दिया जाएगा. उनसे पूछा जाएगा कि व्हिप जारी होने के बावजूद उन्होंने बैठक में हिस्सा क्यों नहीं लिया.” शिवसेना (यूबीटी) की ओर मीटिंग ऐसे समय पर बुलाई गई है जब पार्टी को लेकर फिर से टूट की चर्चाएं तेज़ हो गई हैं.
संजय राउत ने कहा
पार्टी में राजनीतिक संकट पर शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने कहा, “आज हमने संसदीय दल की बैठक की. इसमें हमारे लोकसभा के तीन सांसद शामिल हुए – राजाभाऊ वाजे, अरविंद सावंत और अनिल देसाई. जो सांसद बैठक में नहीं आए, उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है.”
“उन्हें नोटिस का जवाब देने के लिए 7 दिन का समय दिया गया है. प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और हम उन्हें अयोग्य घोषित कराने की कोशिश करेंगे. अगर स्पीकर क़ानून और नियमों के मुताबिक़ काम करते हैं, तो उन्हें अयोग्य ठहराया जाएगा. यह लड़ाई संसद, अदालत और सड़क, तीनों जगह जारी रहेगी. सड़क पर लड़ाई पहले ही शुरू हो चुकी है. इन गद्दारों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. चाहें तो भारतीय सेना भी बुला लें. बस वही तैनात होना बाकी रह गया है.”
महाराष्ट्र सरकार ने वाई-प्लस सुरक्षा दी
शिवसेना(यूबीटी) से बगावत करने वाले सांसदों को महाराष्ट्र सरकार ने वाई प्लस श्रेणी की सुरक्षा देने का ऐलान किया है. जिन छह सांसदों को सुरक्षा दी गई है, उनका नाम है, संजय देशमुख, संजय जाधव, संजय दीना पाटिल, नागेश पाटिल अष्टिकर, ओम राजे निंबालकर और भाऊसाहेब वाघचौरे शिरडी. ऐसी चर्चा है कि शिवसेना (यूबीटी) के ये बागी सांसद उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो सकते हैं या फिर अलग पार्टी बनाकर शिंदे को समर्थन दे सकते हैं.




