बोकारो: कुख्यात अपराधी प्रिंस खान के गुर्गे राकेश कुमार को बालीडीह पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी पर बालीडीह औद्योगिक क्षेत्र स्थित बीएमडब्ल्यू कंपनी से रंगदारी मांगने का गंभीर आरोप है. पुलिस ने इसके पहले 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. फिलहाल मुख्य आरोपी पुलिस के पकड़ से दूर है. एसपी हरविंदर सिंह ने प्रिंस के गुर्गे को पकड़ने के लिए एसआईटी गठन कर जाल बिछाया, जिसमें पुलिस के बोकारो पहुंचते ही आरोपी जाल में फंस गया, वहीं उनसे अन्य सदस्यों की तलाश जारी है. एसआईटी की टीम लगातार छापेमारी अभियान चला रही है.
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रंगदारी और धमकी देने का आरोप
जानकारी के अनुसार, 12 मार्च 2026 को बीएमडब्ल्यू प्लांट के मैनेजर सुरेश कुमार सिंह ने बालीडीह थाना में शिकायत दर्ज कराई थी. जिसमें उसने फैक्टरी संचालन के एवज में रंगदारी मांगने और धमकी देने का आरोप लगाया था. जिसके बाद पुलिस ने एसआईटी का गठन कर मामले का जांच शुरु कर दिया. जांच के दौरान पता चला कि गिरफ्तार राकेश कुमार सीधे तौर पर प्रिंस खान के संपर्क में था और अंतरराष्ट्रीय व्हाट्सएप नंबर के माध्यम से बातचीत करता था. आरोप है कि प्रिंस के निर्देश पर उसने अपने हाथों से धमकी भरा पर्चा लिखा और कंपनी तक पहुंचाया. जिसके बाद उस पर्ची का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर कंपनी पर दबाव बनाने की कोशिश करने लगा.
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पूछताछ में हुआ खुलासा
गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की गई जिसमें खुलासा हुआ कि इस काम के बदले आरोपी को 2 अलग-अलग बैंक खातों में कुल 1.50 लाख रुपए भेजे गए थे. पुलिस अब इस रकम की लेन-देन औऱ गैंग से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है. पुलिस को आरोपी के पास से रेडमी-8 मोबाइल फोन मिला, जिसमें पुलिस को कई महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मिले है. मोबाइल में व्हाट्सएप कॉल, बातचीत के रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी प्रमाण मिले है, जिससे जांच को आगे बढ़ने में मदद मिलेगी.
साक्ष्यों के आधार पर होगी कार्रवाई
पुलिस ने दावा किया है कि राकेश कुमार बोकारो क्षेत्र में प्रिंस खान का प्रमुख सहयोगी था, जो उस इलाके में गैंग को बढ़ाने का काम कर रहा था. फिलहाल पुलिस ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जबकि पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है. वहीं इस संबंध में मुख्यालय डीएसपी पवन कुमार ने कहा कि मामले की जांच जारी है और प्राप्त डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई जारी है. पुलिस ने कहा कि जल्द ही आरोपियों को कानून के शिकंजे में ले लिया जाएगा.


