Sunday, July 26, 2026

तमिलनाडु में AIADMK के तीन बागी विधायकों ने दिया इस्तीफा, TVK में शामिल होने की अटकलें तेज

न्यूज डेस्क: तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। AIADMK के तीन बागी विधायकों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। ये विधायक सी वी शनमुगम और एस पी वेलुमणि के नेतृत्व वाले गुट से जुड़े बताए जा रहे हैं। सोमवार को तीनों नेताओं ने तमिलनाडु विधानसभा अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर से मुलाकात कर अपना इस्तीफा सौंप दिया।

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इन विधायकों ने छोड़ी विधायकी

इस्तीफा देने वाले विधायकों में मदुरंतकम से मरगाथम कुमारवेल, धारापुरम से सत्यभामा और पेरुंदुरई से जयकुमार शामिल हैं। इन तीनों नेताओं ने AIADMK के टिकट पर विधानसभा चुनाव जीता था। सचिवालय में विधानसभा अध्यक्ष को इस्तीफा सौंपने के तुरंत बाद ये विधायक टीवीके मंत्री आधव अर्जुना से मिलने उनके कार्यालय पहुंचे। बाद में विधानसभा अध्यक्ष ने तीनों इस्तीफे स्वीकार भी कर लिए।

TVK में शामिल होने की अटकलें तेज

राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक ये तीनों विधायक जल्द ही मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कड़गम’ (TVK) में शामिल हो सकते हैं। ये विधायक उन 25 बागी सदस्यों में शामिल थे जिन्होंने फ्लोर टेस्ट के दौरान अपनी पार्टी के निर्देशों के खिलाफ जाकर टीवीके सरकार के समर्थन में वोट दिया था। इसके बाद से ही AIADMK के भीतर विवाद और गहरा गया था। तीनों विधायकों के इस्तीफे मंजूर होने के बाद अब राज्य की चार विधानसभा सीटों पर उपचुनाव कराए जाएंगे। इनमें मदुरंतकम, धारापुरम, पेरुंदुरई और त्रिची ईस्ट सीट शामिल हैं। त्रिची ईस्ट सीट मुख्यमंत्री विजय द्वारा खाली की गई थी, क्योंकि उन्होंने दो सीटों से जीत हासिल की थी। इन इस्तीफों के बाद विधानसभा में AIADMK विधायकों की संख्या 47 से घटकर 44 रह गई है।

फ्लोट टेस्ट में आई थी फूट

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद से ही AIADMK के भीतर मतभेद बढ़ते जा रहे थे। मुख्यमंत्री विजय के फ्लोर टेस्ट के दौरान पार्टी की अंदरूनी फूट खुलकर सामने आ गई थी। सी वी शनमुगम के नेतृत्व में 25 विधायकों ने पार्टी व्हिप की अनदेखी करते हुए टीवीके सरकार के पक्ष में मतदान किया था। टीवीके सरकार के पास 119 विधायकों का समर्थन माना जा रहा था, लेकिन फ्लोर टेस्ट में उसे 144 वोट मिले।

फ्लोर टेस्ट के बाद AIADMK महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने सी वी शनमुगम पर अनुशासनहीनता का आरोप लगाया था। वहीं शनमुगम ने पार्टी द्वारा नियुक्त व्हिप के अधिकार को ही चुनौती दे दी थी। इसी बीच द्रविड़ मुनेत्र कड़गम ने टीवीके पर विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया, जिससे राज्य की राजनीति और गरमा गई।

सेम्मलाई भी छोड़ चुके हैं पार्टी

AIADMK को इससे पहले भी बड़ा झटका लग चुका है। 18 मई को पार्टी के वरिष्ठ नेता एस सेम्मलाई ने भी इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने अपने इस्तीफे में पार्टी की मौजूदा स्थिति पर दुख जताते हुए कहा था कि चुनाव के बाद की घटनाओं से उन्हें मानसिक पीड़ा हुई है और पार्टी के कार्यकर्ता भी निराश हैं।

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