Thursday, July 23, 2026

US राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप को मारने की साजिश, जांच एजेंसियां अलर्ट

न्यूज डेस्क: अमेरिका में एक कथित हत्या की साजिश को लेकर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप को निशाना बनाने की कथित योजना सामने आई है। बताया जा रहा है कि इस मामले में इवांका ट्रंप के घर की लोकेशन, ब्लूप्रिंट और कई महीनों तक निगरानी किए जाने जैसे दावे किए गए हैं। हालांकि इन आरोपों की अंतिम पुष्टि अभी अदालत और जांच प्रक्रिया के बाद ही होगी।

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इराकी नागरिक पर गंभीर आरोप

रिपोर्ट्स के मुताबिक, मोहम्मद बाकिर साद दाऊद अल-सादी नाम के एक इराकी नागरिक पर इस कथित साजिश में शामिल होने का आरोप है। अमेरिकी जांच एजेंसियों का दावा है कि उसका संबंध ईरान समर्थित संगठन कताइब हिजबुल्लाह से था। अमेरिका पहले ही इस संगठन को आतंकवादी संगठन घोषित कर चुका है। जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी ने सोशल मीडिया पर इवांका ट्रंप के घर के आसपास का नक्शा साझा करते हुए धमकी भरे संदेश भी पोस्ट किए थे। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

2020 में सुलेमानी की मौत से जुड़ रहा मामला

इस पूरे मामले का संबंध वर्ष 2020 की उस घटना से जोड़ा जा रहा है, जब अमेरिकी ड्रोन स्ट्राइक में ईरान के सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी मारे गए थे। उस समय डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के राष्ट्रपति थे और अमेरिका ने इस कार्रवाई को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी बताया था। सुलेमानी की मौत के बाद ईरान और उससे जुड़े कई संगठनों ने बदला लेने की धमकी दी थी। तभी से ट्रंप परिवार की सुरक्षा को लेकर लगातार खतरे की आशंका जताई जाती रही है।

तुर्की में गिरफ्तारी, अमेरिका में जांच जारी

रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपी अल-सादी को तुर्की में गिरफ्तार किया गया था और बाद में अमेरिका लाया गया। यूनाइटेड स्टेट्स न्याय विभाग ने उस पर आतंकवाद से जुड़े कई गंभीर आरोप लगाए हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि वह कथित तौर पर कई देशों में फैले नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। मामले में एक और पहलू की जांच की जा रही है। इवांका ट्रंप ने शादी से पहले यहूदी धर्म अपनाया था। उनके पति जेरेड कुशनर ट्रंप प्रशासन में अहम भूमिका निभा चुके हैं। कुछ रिपोर्ट्स में इस मामले को यहूदी विरोधी सोच और कट्टरपंथी नेटवर्क से भी जोड़कर देखा जा रहा है।

सोशल मीडिया और गुप्त नेटवर्क पर नजर

अमेरिकी एजेंसियों का दावा है कि आरोपी सोशल मीडिया के जरिए लोगों को उकसाने और नेटवर्क तैयार करने की कोशिश कर रहा था। कुछ रिपोर्ट्स में यूरोप और अमेरिका में यहूदी समुदाय तथा अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने की योजनाओं का भी जिक्र किया गया है। हालांकि इन सभी दावों की जांच अभी जारी है। यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिका और ईरान के रिश्ते पहले से ही तनावपूर्ण बने हुए हैं। मध्य पूर्व में जारी संघर्ष, इजरायल-गाजा विवाद और परमाणु मुद्दों के कारण दोनों देशों के बीच हालात लगातार संवेदनशील बने हुए हैं। ऐसे में ट्रंप परिवार को लेकर सामने आई यह कथित साजिश वैश्विक राजनीति में भी चर्चा का विषय बन गई है।

जांच पूरी होने के बाद साफ होगी तस्वीर

फिलहाल अमेरिकी एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं। अब तक सामने आई जानकारी मुख्य रूप से मीडिया रिपोर्ट्स और जांच एजेंसियों के दावों पर आधारित है। अदालत में क्या साबित होता है, यह आने वाले समय में साफ होगा। लेकिन इस मामले ने एक बार फिर दुनिया को यह याद दिलाया है कि आधुनिक दौर में सुरक्षा चुनौतियां लगातार जटिल होती जा रही हैं।

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