लखनऊ: लखनऊ के गोमतीनगर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में मिले बक्से में बंद शव की पहचान हो गई है। मृतका 15 वर्षीय बेबी शब्बा थी, जो कुशीनगर की रहने वाली थी। पुलिस जांच में सामने आया है कि लड़की की हत्या उसके पिता ने अपनी बहन और बहनोई के साथ मिलकर की थी। पुलिस ने आरोपी पिता बिग्गन अंसारी, उसकी बहन नूरजहां और बहनोई मोजिबुल्ला अंसारी को गिरफ्तार कर लिया है। तीनों पर हत्या और शव ठिकाने लगाने का आरोप है।
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ट्रेन में मिला था संदिग्ध बक्सा
गाड़ी संख्या 15114 छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस 17 मई की शाम छपरा से रवाना हुई थी और रविवार सुबह गोमतीनगर स्टेशन पहुंची। ट्रेन के S-1 कोच की सफाई के दौरान कर्मचारियों को एक संदिग्ध बक्सा और बैग मिला। सूचना मिलने पर जीआरपी और आरपीएफ की टीम मौके पर पहुंची। बक्सा खोलने पर उसमें लड़की का धड़ मिला, जबकि हाथ-पैर एक अलग बैग में पॉलीथीन में पैक थे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार शव को इस तरह पैक किया गया था कि बाहर खून के निशान दिखाई नहीं दें।
CCTV और सर्विलांस से खुला राज
मामले की गंभीरता को देखते हुए रेलवे पुलिस अधीक्षक रोहित मिश्रा ने जांच के लिए तीन टीमें बनाई थीं। पुलिस ने करीब 800 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के दौरान तमकुही रोड रेलवे स्टेशन की फुटेज में दो पुरुष और एक महिला संदिग्ध बक्सा ले जाते दिखाई दिए। इसके बाद पुलिस आरोपियों तक पहुंची। पुलिस पूछताछ में आरोपी पिता बिग्गन अंसारी ने अपराध कबूल कर लिया। उसने बताया कि उसे शक था कि उसकी बेटी का एक हिंदू युवक से संबंध है। उसकी दो बड़ी बेटियां पहले ही प्रेम विवाह कर चुकी थीं, जिससे वह नाराज और मानसिक रूप से परेशान था। उसे डर था कि छोटी बेटी भी प्रेम विवाह कर सकती है। इसी वजह से उसने बेटी को कई बार डांटा और मारा-पीटा। पुलिस के अनुसार, इसके बाद उसने बहन और बहनोई के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची।
शव के किए छह टुकड़े
पुलिस के मुताबिक, हत्या के लिए आरोपियों ने नया बांका खरीदा था। हत्या के बाद शव के छह टुकड़े किए गए ताकि पहचान छिपाई जा सके। सिर के भी टुकड़े कर अलग-अलग जगह फेंक दिए गए। धड़, हाथ और पैर को प्लास्टिक और कपड़ों में लपेटकर बक्से में रखा गया। इसके बाद आरोपी ई-रिक्शा से बक्सा लेकर तमकुही रोड स्टेशन पहुंचे और छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में रख दिया। फिर दूसरे कोच से नीचे उतरकर वहां से फरार हो गए। हत्या की बात कबूलने के बाद पुलिस आरोपियों को गांव लेकर पहुंची। उनकी निशानदेही पर गोताखोरों की मदद से तालाब से सिर का कुछ हिस्सा बरामद किया गया। हत्या में इस्तेमाल बांका भी बरामद कर लिया गया है।
परिवार को लेकर भी उठ रहे सवाल
पुलिस के अनुसार, आरोपी बिग्गन अंसारी पहले विदेश में काम करता था और करीब पांच साल पहले गांव लौटा था। फिलहाल वह ई-रिक्शा चलाता था। मृतका बेबी शब्बा तीन बहनों में सबसे छोटी थी। उसकी दो बड़ी बहनों ने प्रेम विवाह किया था। परिवार में दो छोटे भाई भी हैं, जिनमें बड़ा भाई कैंसर से पीड़ित बताया जा रहा है। गांव में चर्चा है कि आरोपी की बड़ी बेटी खुशबू भी लंबे समय से लापता है। ग्रामीण अब उसकी गुमशुदगी को लेकर भी सवाल उठा रहे हैं। हालांकि पुलिस ने इस मामले में अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
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