Saturday, July 25, 2026

झारखंड में जनजातीय किशोरियों के स्वास्थ्य, पोषण और सशक्तिकरण के लिए “सशक्त” कार्यक्रम का शुभारंभ

रांची : झारखण्ड के जनजातीय बहुल क्षेत्रों में किशोरियों के स्वास्थ्य, पोषण और समग्र सशक्तिकरण के उद्देश्य से आज एक महत्वाकांक्षी राज्यस्तरीय कार्यक्र“सशक्त” का विधिवत शुभारंभ किया गया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखण्ड ‘एकजुट’ और ‘पिरामल स्वास्थ्य’ के संयुक्त तत्वावधान में इस कार्यक्रम का आयोजन रांची के होटल बीएनआर चाणक्य में किया गया।

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परिणाम-आधारित कार्यप्रणाली और जमीनी बदलाव

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखण्ड के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने इसका उद्घाटन किया। समारोह को संबोधित करते हुए अभियान निदेशक ने परिणाम-आधारित कार्यप्रणाली और जमीनी बदलाव पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि हमें केवल औपचारिकता पूरी नहीं करनी हैं, बल्कि धरातल पर ठोस परिणाम लाकर दिखाने हैं।

उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भ साझा करते हुए कहा, “जब आईसीडीएस योजना आई थी, तब मुख्य ध्यान नवजातों और माताओं पर था ताकि शिशु मृत्यु दर को घटाया जा सके, लेकिन समय के साथ अध्ययनों से यह स्पष्ट हुआ कि यदि हमें कुपोषण, कम उम्र में विवाह और खराब स्वास्थ्य चक्र को हमेशा के लिए तोड़ना है, तो हमें सबसे पहले किशोरियों पर ध्यान केंद्रित करना होगा।”

लड़कियां हर क्षेत्र में कर रही उत्कृष्ट प्रदर्शन

उन्होंने आगे कहा, “समाज में लड़कियां बहुत जिम्मेदार और अनुशासित हैं। यदि दो बच्चों में से एक लड़के और एक लड़की को समान अवसर दिए जाएं, तो लड़कियां हर क्षेत्र और परीक्षाओं के परिणामों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं, क्योंकि वे अपनी माताओं को कठिन परिश्रम करते हुए देखती हैं और खुद जिम्मेदारी उठाने के लिए सक्रिय हो जाती हैं। हमें किशोरियों को केवल सामान्य शिक्षा ही नहीं, बल्कि ‘रोजगार-उन्मुख शिक्षा’ और उचित पोषण प्रदान करना होगा। यदि उन्हें सही पोषण नहीं मिला, तो वे भविष्य में कमजोर बनकर रह जाएंगी।

हर महीने की 24 तारीख को जागरूकता कार्यक्रम

‘सशक्त’ कार्यक्रम के तहत काउंसलिंग, क्लिनिकल सेवाओं और कम्युनिटी-बेस्ड पीयर एजुकेटर अप्रोच को जिला स्तर से लेकर सुदूर विलेज व फैसिलिटी लेवल तक पूरी सक्रियता से लागू किया जाएगा और इसकी नियमित समीक्षा की जाएगी।
उन्होंने यह भी बताया कि स्वास्थ्य विभाग आयुष्मान आरोग्य मंदिर में हर महीने की 24 तारीख को एक जागरूकता कार्यक्रम उमंग आयोजित कर रहा है। जिसमें किशोर किशोरियों को कई जरूरी जानकारी दी जा रही है। उन्होंने सशक्त की टीम से साथ मिलकर काम करने की अपील की।

इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखण्ड के आरकेएसके के स्टेट नोडल ऑफिसर डॉ विजय किशोर रजक, एनयूएचएम के स्टेट नोडल ऑफिसर डॉ मुकेश मिश्रा, डॉ पुष्पा, डॉ कमलेश, डॉ राहुल किशोर सिंह, डॉ प्रदीप सहित स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग, पंचायती राज संस्थाओं तथा विभिन्न तकनीकी व सामाजिक विकास सहयोगी संस्थाओं के वरिष्ठ प्रतिनिधि एवं विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

चार रणनीतिक स्तंभों पर आधारित है ‘सशक्त’

यह परियोजना पूरी तरह से एक सिस्टम-ड्रिवेन, सहयोगी और रणनीतिक दृष्टिकोण पर आधारित है, जिसे मुख्य रूप से चार मजबूत स्तंभों पर केंद्रित किया गया है। जिसमें पहले स्तर पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के भीतर राज्य और जिला स्तर पर तकनीकी सहायता इकाइयों और जिला/ब्लॉक टास्क फोर्स को मजबूत किया जायेगा।

दूसरे स्तम्भ में सामुदायिक सहभागी शिक्षण सत्रों के माध्यम से परिवारों, पीयर एजुकेटरों, और सहिया/एएनएम के नेटवर्क को सक्रिय किया जायेगा। तीसरे में किशोरावस्था में होने वाले बदलावों की शिक्षा और स्वास्थ्य एवं कल्याण के माध्यम से किशोरियों में नेतृत्व क्षमता विकसित किया जायेगा। चौथे में डिजिटल तकनीक और डेटा का पूरा इस्तेमाल कर रियल टाइम निगरानी, डेटा गुणवत्ता में सुधार और नीति निर्माण में सहयोग लिया जाएगा।

तीन चरणों में कार्यक्रम का संचालन

यह कार्यक्रम झारखण्ड के जनजातीय क्षेत्रों में कुल तीन चरणों में संचालित की जाएगी। कार्यक्रम के प्रथम चरण में झारखण्ड के 5 प्राथमिकता वाले जिलों पाकुड़, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, खूंटी, और गुमला में क्रियान्वित किया जा रहा है। जिससे जनजातीय किशोर-किशोरियों को सीधे लाभ मिलेगा। द्वितीय चरण में स्केल-अप के तहत झारखण्ड के 9 आरकेएसके जिलों के 93 प्रखंड में विस्तार किया जाएगा। तृतीय चरण में पूर्ण राज्यव्यापी विस्तार होगा, जिसके तहत झारखण्ड के शेष 15 जिलों में विस्तार किया जाएगा।

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एयर नाऊ स्पेशल

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