लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रविवार को अवैध कब्जों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया गया। हाई कोर्ट के आदेश के बाद नगर निगम, जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने स्वास्थ्य भवन और कचहरी के आसपास बने वकीलों के अवैध चैंबरों को बुलडोजर से हटाना शुरू किया। कार्रवाई के दौरान कई वकीलों ने विरोध जताया और जमकर नारेबाजी की। इस दौरान पुलिस और वकीलों के बीच बहस भी देखने को मिली।
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हाई कोर्ट के आदेश पर हुई कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य भवन और कचहरी क्षेत्र के आसपास बने करीब 240 अवैध चैंबरों को हटाने का आदेश दिया था। इसके बाद नगर निगम ने संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए थे। प्रशासन ने वकीलों को खुद से कब्जा हटाने के लिए समय भी दिया था, लेकिन तय समय सीमा खत्म होने के बाद भी अधिकतर चैंबर नहीं हटाए गए।
इसके बाद प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई शुरू की। संभावित विरोध और हंगामे को देखते हुए प्रशासन ने इलाके में भारी पुलिस बल और पीएसी जवानों की तैनाती की थी। सुबह से ही नगर निगम, पुलिस और जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई थी। कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही।
इन इलाकों में बने थे अवैध चैंबर
नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक, स्वास्थ्य भवन चौराहे से चकबस्त चौराहे तक, सदर तहसील और निबंधन कार्यालय के आसपास, रेजिडेंसी से सीएमओ कार्यालय तक तथा स्वास्थ्य भवन से जिला सत्र न्यायालय जाने वाली सड़क के किनारे अवैध चैंबर बनाए गए थे। इनमें कई जगहों पर सड़क, फुटपाथ और नाले-नालियों पर कब्जा किया गया था।
कार्रवाई शुरू होने से पहले ही कुछ वकीलों और दुकानदारों ने अपने कब्जे हटा लिए थे। हालांकि बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी थे जिन्होंने प्रशासनिक नोटिस के बावजूद कब्जा नहीं छोड़ा। प्रशासन का कहना है कि सड़क और फुटपाथ पर बने अवैध निर्माण से आम लोगों को परेशानी हो रही थी।
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यह पहली बार नहीं है जब इस इलाके में अवैध चैंबरों पर कार्रवाई हुई हो। पिछले वर्ष अक्तूबर महीने में भी नगर निगम और पुलिस ने करीब 20 अवैध चैंबरों को हटाया था। लेकिन बाद में दोबारा कब्जा कर निर्माण कर लिया गया। इसी वजह से इस बार प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है।




