Wednesday, July 22, 2026

दिल्ली की सीएम रेखा की बड़ी पहल, बेसहारा-बीमार लोगों के लिए लॉन्च की विशेष एम्बुलेंस

दिल्ली: राजधानी दिल्ली में रहने वाले बेघर-बेसहारा लोगों के लिए दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने अपना घर आश्रम और दिल्ली सरकार की एक संयुक्त पहल के तहत बीमार लोगों को बचाने और उनकी देखभाल के लिए कई एम्बुलेंस और वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.

वहीं इस मौके पर रेखा गुप्ता ने मीडिया से बातचीत की और कहा इस पहल का उद्देश्य सड़कों पर रहने वाले लोगों को इलाज और रहने का स्थान देना है. जिनमें कोई बीमार हो या जिसका कोई सहारा न हो. आज हमने अपना आश्रम से एम्बुलेंस और वैन रवाना किया है, जिसके माध्यम से शहर के बेघर-बीमार लोगों को बचाया और आश्रम लाकर उनका इलाज और देखभाल किया जाएगा.

मदर्स डे पर घोषित योजना

मदर्स डे के अवसर पर रेखा गुप्ता ने आफ्टरकेयर स्कीम फॉर यंग पर्सन्स योजना की घोषणा की थी. इसके तहत 18 वर्ष पूरा करने पर अनाथ बच्चों को शिक्षा के अलावा कौशल विकास, रोजगार औऱ मासिक स्टाइपेंट देकर आत्मनिर्भर बनाया जाएगा. योजना के लिए मौजूदा वित्त वर्ष में 3.5 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया जाएगा. वहीं यह मुहिम उन युवाओं के लिए है, जो सरकार के द्वारा संचालित आफ्टरकेयर होम्स से बाहर निकलकर अपने बेहतर भविष्य बनाने का प्रयास कर रहे है.

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बच्चों का भविष्य बनाने का उद्देश्य

आधिकारिक बयान के अनुसार, दिल्ली की सरकार का मकसद बच्चों को सुरक्षा प्रदान करना और यह सुनिश्चित करना है कि उनका भविष्य सुरक्षित. गरिमापूर्ण और आत्मनिर्भर हो. उनका एक ऐसा भविष्य हो जिसमें कोई भी बच्चा या युवा कभी भी खुद को अकेला, असहाय या उपेक्षित महसूस न करें. वहीं इसके साथ सीएम रेखा ने मदर्स जे पर लाजपत नगर स्थित विलेज कॉटेज होम में रहने वाले बच्चों से मुलाकात की. महिला एवं बाल विकास विभाग के द्वारा संचालित इस कॉटेज होम पर उन्होंने बच्चों के साथ बड़े प्यार और स्नेह से बातचीत की.

88 चाइल्ड केयर इंस्टिट्यूट

सीएम ने आफ्टरकेयर स्कीम के बारे में जानकारी दी और कहा कि इस समय दिल्ली में 88 चाइल्ड केयर इंस्टिट्यूट काम कर रहे है, जिन्हें सरकार और अलग-अलग एनजीओ द्वारा मिलाकर चलाया जा रहा है. इसमें 18 साल तक की उम्र के बच्चों की देखभाल, सुरक्षा, शिक्षा, पुनर्वास और जरुरी सहायता दी जाती है, लेकिन बाहर निकलने के बाद उन्हें पढ़ाई जारी रखने, कौशल प्रशिक्षण लेने, रोजगार पाने, आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. यह योजना ऐसे ही सभी युवाओं के लिए जरुरी सहायता उपलब्ध कराने में मदद करेगी.

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