नोएडा: नोएडा में वेतन वृद्धि को लेकर हुई हिंसा मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। फरार चल रहे मुख्य आरोपी आदित्य आनंद को नोएडा पुलिस ने आज यानी शनिवार को तमिलनाडु से गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में अब आतंकी कनेक्शन की भी जांच तेज हो गई है।
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सोची-समझी साजिश
पुलिस जांच में सामने आया है कि 13-14 अप्रैल को नोएडा और ग्रेटर नोएडा में हुई हिंसा अचानक नहीं भड़की थी, बल्कि यह एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी। प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़, आगजनी और झड़पों की घटनाएं सामने आई थीं। जांच एजेंसियों के अनुसार, इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड आदित्य आनंद है, जो झारखंड के हजारीबाग का रहने वाला औरराष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान जमशेदपुर (एनआईटी जमशेदपुर) का पूर्व छात्र बताया जा रहा है। उत्तर प्रदेश आतंकवाद विरोधी दस्ता (एटीएस) की जांच में इस मामले से जुड़ा आतंकी कनेक्शन भी सामने आया है। जांच में पाया गया कि हिंसा भड़काने से जुड़े कुछ सोशल मीडिया अकाउंट संचालकों ने पहले गिरफ्तार आतंकियों के हैंडलर्स से संपर्क किया था।
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फर्जी पोस्ट से भड़काई गई हिंसा
अनुषी तिवारी प्राउड इंडियन नबी और मीर इलयास INC नाम के सोशल मीडिया अकाउंट्स से 13 और 14 अप्रैल को भ्रामक पोस्ट किए गए थे। इन पोस्ट में हिंसा के दौरान कई लोगों की मौत की झूठी खबर फैलाई गई, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। पुलिस के अनुसार, इस साजिश में आदित्य आनंद के अलावा बिहार निवासी ऑटो चालक रुपेश रॉय और मनीषा चौहान भी शामिल थे। इन दोनों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस और जांच एजेंसियां मामले की गहराई से जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।


