राँची: झारखंड के आतंक का पर्याय बन चुके और वर्तमान में पाकिस्तान में पहचान बदलकर छिपे गैंगस्टर प्रेंस खान के नेटवर्क पर बड़ी खबर सामने आई है। हाईकोर्ट ने प्रिंस खान के साले नियाज अली को बड़ी राहत देते हुए दो अलग-अलग मामलों में जमानत दे दी है। नियाज के खिलाफ रांची के लालपुर और कांके थाना में दर्ज हैं मामले।
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किन मामलों में मिली राहत?
नियाज अली पर रांची के विभिन्न थानों में रंगदारी और डराने-धमकाने के गंभीर आरोप दर्ज हैं। हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस रंगोन मुखोपाध्याय की अदालत ने नियाज के खिलाफ लालपुर थाना में दर्ज स्थानीय व्यापारी से फोन पर रंगदारी मांगने और धमकाने तथा कांके थाना क्षेत्र के एक अन्य व्यवसायी से लेवी वसूलने के सिंडिकेट में संलिप्तता मामले में सुनवाई के बाद जमानत याचिका स्वीकार की है।
अदालत की कार्यवाही और शर्तें
सुनवाई के दौरान नियाज अली की ओर से अधिवक्ता अमन कुमार राहुल और सोनाली भट्टाचार्य ने पक्ष रखा। दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने कुछ प्रमुख शर्तों के साथ रिहाई का आदेश दिया है। कोर्ट ने नियाज को 10,000 रुपये के दो निजी मुचलके भरने का आदेश दिया है। इसके साथ ही जांच प्रक्रिया में सहयोग करने और कोर्ट के निर्देशों का पालन करने का भी आदेश दिया है।
कौन है नियाज अली और क्यों है अहम?
नियाज अली को रांची पुलिस ने बीते सितंबर महीने में एक विशेष अभियान के तहत गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार, नियाज न केवल प्रिंस खान का रिश्तेदार है, बल्कि वह धनबाद और रांची में व्यवसायियों को प्रिंस खान के नाम पर डराने और विदेशी नंबरों से कॉल अरेंज कराने में ग्राउंड हैंडलर की भूमिका निभा रहा था। अदालत के इस फैसले को पुलिस के लिए एक रणनीतिक झटके के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि नियाज को प्रिंस खान के सिंडिकेट की एक अहम कड़ी माना जाता था।
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