न्यूज डेस्क : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है. ईरान के सरकारी मीडिया ने कहा कि अगर ईरान के ईंधन और ऊर्जा केंद्रों पर हमला होता है तो देश की सेना अमेरिका से जुड़ी एनर्जी फ़ेसिलिटीज़ को निशाना बनाएगी.
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ईरान की यह चेतावनी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक नए अल्टीमेटम के बाद आई है. ट्रंप ने कहा था कि अगर ईरान ने 48 घंटों के भीतर होर्मुज़ स्ट्रेट को नहीं खोला तो अमेरिका ईरान के बिजली संयंत्रों को “पूरी तरह तबाह” कर देगा. इससे पहले ईरान ने दक्षिणी इसराइल पर मिसाइलों से हमला किया. निशाना बनाए गए क्षेत्रों में इसराइल के अघोषित परमाणु हथियार भंडार वाले शहर डिमोना भी शामिल है. ईरान ने कहा है कि ‘अब जंग नए चरण में पहुंच गई है.’
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संयम बरतने की अपील बेमानी
इधर ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि ‘ईरान से संयम बरतने की अपील करने का कोई मतलब नहीं है.’ ईरान की सरकार न्यूज़ एजेंसी इरना (आईआरएनए) के मुताबिक़ विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाग़ेई ने तर्क दिया, “जिस देश पर हमला हुआ हो, उससे ऐसी अपेक्षा करना अनुचित है.” इरना के मुताबिक़ उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि जिन देशों ने हमला कर के दुश्मनी की शुरू की है, उसे रोकने की ज़िम्मेदारी भी उन्हीं की है.
अब तक ये हुआ
अमेरिका और इसराइल ने 28 फ़रवरी को संयुक्त रूप से ईरान पर हवाई हमले किए थे. इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनई समेत कई लोग मारे गए थे. उसके बाद से ईरान के साथ इन दोनों देशों की जंग शुरू हो गई है. ईरान ने इस कार्रवाई के जवाब में खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सहयोगियों और ठिकानों को भी निशाना बनाया है. इस संघर्ष में दोनों ही पक्षों का भारी नुक़सान हुआ है और ऊर्जा के कई ठिकानों पर हमले किए गए हैं. इस जंग के नतीजे में तेल और गैस की क़ीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है और कई देशों में इसका संकट भी देखा जा रहा है.


