Thursday, July 23, 2026

मध्य प्रदेश में कोर्ट के निर्देश पर गई विधायकी, ऐसे घोषित हुए रामनिवास रावत नए MLA

भोपाल : मध्य प्रदेश की विजयपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस को बहुत बड़ा झटका लगा है. ग्वालियर हाईकोर्ट की बेंच ने कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का चुनाव शून्य घोषित कर दिया है. कोर्ट ने न सिर्फ मल्होत्रा का चुनाव निरस्त किया, बल्कि याचिकाकर्ता और उपचुनाव में दूसरे स्थान पर रहे बीजेपी नेता रामनिवास रावत को विजयपुर का नया विधायक घोषित करने का आदेश दिया है.

दरअसल, बीजेपी नेता और पूर्व मंत्री रामनिवास रावत ने हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर की थी. याचिका में आरोप लगाया गया था कि मुकेश मल्होत्रा ने उपचुनाव के दौरान अपने नामांकन पत्र में आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी छिपाई थी. रामनिवास रावत ने कोर्ट को बताया कि मल्होत्रा के खिलाफ 6 आपराधिक मामले दर्ज थे, जिनका जिक्र उन्होंने अपने हलफनामे में नहीं किया था.

जस्टिस जीएस अहलूवालिया की बेंच ने मामले की सुनवाई के बाद माना कि महत्वपूर्ण तथ्य छिपाना चुनाव कानून का उल्लंघन है. कोर्ट ने मुकेश मल्होत्रा का चुनाव अमान्य करते हुए रामनिवास रावत को निर्वाचित घोषित कर दिया. रामनिवास रावत 2023 में विधानसभा चुनाव कांग्रेस की टिकट पर जीते थे. 2024 के लोकसभा चुनावों में से पहले  रामनिवास रावत की बीजेपी में एंट्री होती है और उन्हें मोहन यादव सरकार में सीधे कैबिनेट मंत्री बना दिया जाता है.

उसके बाद विजयपुर में उपचुनाव होता है. लेकिन उपचुनाव में रामनिवास रावत को हार का सामना करना पड़ता है और मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ता है. रामनिवास रावत इसके बाद कांग्रेस विधायक के खिलाफ हाई कोर्ट जाते हैं. इस शिकायत के साथ कि मुकेश मल्होत्रा ने अपने चुनावी हलफनामे में आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी गलत दी है और इसी पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट लगातार सुनवाई कर रहा था. अब हाईकोर्ट ने यह फैसला सुनाया है.

BJP सरकार में राज्य मंत्री रह चुके

मुकेश मल्होत्रा क्षेत्र के कद्दावर आदिवासी नेता माने जाते हैं. वे BJP सरकार में दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री रह चुके हैं. उन्होंने 2023 में निर्दलीय चुनाव लड़ा था और करीब 45 हजार वोट हासिल किए थे. इसके बाद मई 2024 में प्रियंका गांधी की मौजूदगी में वे कांग्रेस में शामिल हुए थे. विजयपुर क्षेत्र में सहारिया आदिवासी समाज के 70 हजार से अधिक वोट हैं, जिसे देखते हुए कांग्रेस ने उन पर दांव खेला था.

रामनिवास रावत, जो पहले कांग्रेस में थे और बाद में बीजेपी में शामिल हुए, उनके लिए यह फैसला एक बड़ी संजीवनी बनकर आया है. इस आदेश के बाद विजयपुर सीट पर अब उपचुनाव की जरूरत नहीं होगी, बल्कि सीधे रावत को विधायक के रूप में जिम्मेदारी मिल जाएगी. कांग्रेस अब इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकती है, लेकिन फिलहाल विजयपुर सीट पर कांग्रेस के हाथ से निकल चुकी है.

spot_img

एयर नाऊ स्पेशल

देश का एआई हब बनने की तैयारी कर रहा...

न्यूज़ डेस्क : झारखंड. ये नाम सुनते ही दिमाग में सबसे पहले क्या आता है? कोयला, लोहे की खदानें, मिनरल्स या शायद आदिवासी संस्कृति....
- Advertisement -spot_img

सोशल मीडिया

25,000FansLike
40,000FollowersFollow
500FollowersFollow
113,000SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

ट्रेंडिंग ख़बर