Wednesday, July 22, 2026

CUJ रजिस्ट्रार ने हाईकोर्ट में मांगी माफी, पीएचडी अभ्यर्थी का नामांकन करने का आदेश

रांची: झारखंड हाईकोर्ट में सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड (CUJ) से जुड़ा एक अहम मामला सामने आया है। अदालत में भ्रामक जानकारी देने के आरोप में विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार को कोर्ट के समक्ष उपस्थित होना पड़ा, जहां उन्होंने अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी। दरअसल, झारखंड हाईकोर्ट के बुधवार के आदेश के आलोक में CUJ के रजिस्ट्रार गुरुवार को अदालत के समक्ष हाजिर हुए। यह मामला हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस राजेश कुमार की अदालत में चल रहा है। रजिस्ट्रार ने कोर्ट को बताया कि मामले में अनजाने में भ्रामक जानकारी दी गई, जिसके लिए उन्होंने अदालत से माफी मांगी।

याचिकाकर्ता का नामांकन करने का निर्देश

माफी के बाद हाईकोर्ट ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि इस मामले में याचिका दायर करने वाले प्रार्थी का नामांकन नियमसंगत तरीके से किया जाए। अदालत ने माना कि प्रवेश प्रक्रिया में नियमों का पालन किया जाना अनिवार्य है। पीएचडी प्रवेश नीति को दी गई थी चुनौती इस मामले में अमित कुमार चौबे ने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड के इंटरनेशनल रिलेशंस विभाग में सत्र 2023-24 की पीएचडी प्रवेश नीति को चुनौती दी थी। याचिकाकर्ता का कहना था कि विश्वविद्यालय की प्रवेश प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेशों के अनुरूप नहीं है। यूनिवर्सिटी की ओर से 22 अगस्त 2025 को दाखिल एक पूरक शपथ पत्र में कहा गया था कि उस सत्र में तीन ओबीसी सीटें खाली थीं। इन्हें सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों को नहीं दिया जा सकता था। इन सीटों को अगले सत्र के लिए कैरी फॉरवर्ड कर दिया गया।

याचिकाकर्ता की दलील

याचिकाकर्ता ने अदालत में दलील दी कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के स्पष्ट आदेश हैं कि शैक्षणिक संस्थानों में सीटें खाली नहीं रखी जा सकतीं। यदि योग्य उम्मीदवार उपलब्ध हों, तो सीटों को भरना अनिवार्य है। इसी आधार पर उन्होंने प्रवेश नीति को गलत बताते हुए हस्तक्षेप की मांग की थी। हाईकोर्ट के इस आदेश से साफ हो गया है कि उच्च शिक्षा संस्थानों को प्रवेश प्रक्रिया में नियमों और न्यायिक निर्देशों का सख्ती से पालन करना होगा। अदालत के फैसले से संबंधित। अभ्यर्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन के लिए यह एक अहम संदेश माना जा रहा।

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एयर नाऊ स्पेशल

देश का एआई हब बनने की तैयारी कर रहा...

न्यूज़ डेस्क : झारखंड. ये नाम सुनते ही दिमाग में सबसे पहले क्या आता है? कोयला, लोहे की खदानें, मिनरल्स या शायद आदिवासी संस्कृति....
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