दिल्ली : राजस्थान पुलिस के क्रिमिनल इनवेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (सीआईडी) ने ब्रिटेन से पुष्कर पहुंचे दो ब्रितानी नागरिकों को भारत छोड़ने के लिए कहा है. दोनों टूरिस्ट के ख़िलाफ़ इमीग्रेशन एंड फॉरेंसिक एक्ट 2025 के तहत दो फ़रवरी को यह कार्रवाई की गई है. ब्रिटेन के नागरिक लेविश गेब्रिल दी और उनकी दोस्त एनुएशी इमा क्रिस्टीन पर यह कार्रवाई फ़लस्तीन के समर्थन में स्टिकर लगाने की वजह से हुई है.
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21 जनवरी को लगाए गए थे स्टीकर
सीआईडी के पुष्कर प्रभारी सब इंस्पेक्टर शक्ति सिंह ने बताया, “21 जनवरी को हमें सूचना मिली थी कि कुछ दुकानों के बाहर फ़लस्तीन के समर्थन में स्टिकर लगाए गए हैं. हमने तलाश की और दोनों ब्रिटिश नागरिकों को पकड़ा. उन्होंने स्वीकार किया है कि ये स्टिकर उन्होंने लगाए थे.” दोनों के सामान की तलाशी में स्टिकर भी मिले हैं. इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है. रिपोर्ट के आधार पर दोनों ब्रितानी नागरिकों को भारत छोड़ने के लिए दो फ़रवरी को नोटिस जारी किया गया था.
सीआईडी कर रही मामले की जांच
दोनों नागरिक भारत से वापसी की टिकट करवा रहे हैं. कुछ दिन में वह भारत से वापस यूके लौट जाएंगे. सीआईडी के मुताबिक दोनों ब्रिटिश नागरिकों के सोशल मीडिया अकाउंट की डीटेल्स, फोन नंबर साइबर सेल में जांच के लिए भेजे गए हैं. शक्ति सिंह ने बताया कि फ़लस्तीन के समर्थन वाले स्टिकर लगाने के कारण पूछने पर दोनों ने सीआईडी को बताया कि वे इंटरनेट पर देखे कंटेंट से प्रभावित थे. हालांकि, दोनों की इलेक्ट्रोनिक डिवाइस से मालूम होगा कि वह किसके संपर्क में थे.
सीआईडी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश मीणा ने इस मामले पर बयान जारी कर बताया कि, “आने वाले समय में भी वीजा नियमों का उल्लंघन करने वाले विदेशी नागरिकों को चिह्नित कर भारत से डिपोर्ट किए जाने तथा ब्लैकलिस्ट किए जाने की कार्रवाई की जाएगी.”


