नई दिल्ली: उत्तर भारत में पिछले दो–तीन दिनों से ठंड का असर कुछ कम जरूर हुआ है। दोपहर में धूप निकल रही है और शाम के समय गुलाबी ठंड से मौसम सुहावना बना हुआ है। लेकिन यह राहत ज्यादा दिनों तक टिकने वाली नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार से उत्तर भारत में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। लगातार दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से पहाड़ी और मैदानी इलाकों में बारिश, बर्फबारी, तेज हवाएं और तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा।
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दो पश्चिमी विक्षोभ करेंगे असर
भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक पहला पश्चिमी विक्षोभ 22–23 जनवरी के बीच सक्रिय होगा, जबकि दूसरा और ज्यादा प्रभावी पश्चिमी विक्षोभ 26 से 28 जनवरी के बीच उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है। इन सिस्टमों की वजह से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने की संभावना है। मौसम विभाग ने बताया है कि जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 23 से 26 जनवरी के बीच व्यापक बारिश और बर्फबारी हो सकती है। खास तौर पर 23 जनवरी को कश्मीर घाटी और हिमाचल व उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी की संभावना जताई गई है। इससे पहाड़ों में ठंड और शीतलहर का असर और तेज हो सकता है।
मैदानी इलाकों में बारिश और तेज हवाएं
मैदानी राज्यों की बात करें तो पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और राजस्थान के कुछ हिस्सों में 23 और 24 जनवरी के बीच हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी 23 और 24 जनवरी को बारिश की संभावना जताई गई है। इस दौरान कई इलाकों में गरज-चमक के साथ 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बारिश होने से वायु प्रदूषण में कमी आएगी, जिससे लोगों को कुछ राहत मिलेगी। हालांकि, बारिश और बर्फबारी के बाद उत्तर-पश्चिम दिशा से चलने वाली ठंडी हवाएं तापमान को फिर नीचे गिरा सकती हैं। इससे उत्तर भारत में ठंड का एक और कड़ाका दौर लौट सकता है, जो पिछले सप्ताह जैसी तीव्रता वाला हो सकता है।
दिल्ली-एनसीआर का हाल
दिल्ली एनसीआर में फिलहाल इस सीजन की भीषण ठंड से राहत बनी हुई है। न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया जा रहा है, जबकि दिन का तापमान करीब 26 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। हालांकि मौसम विभाग के अनुसार 23 जनवरी को दिल्ली में इस सर्दी की पहली बारिश हो सकती है। इसके बाद 26 से 28 जनवरी के बीच बारिश की एक और लहर आने की संभावना है। ऐसे में गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान हल्की बारिश भी हो सकती है। आने वाले दिनों में हवा, बादल, कोहरा, नमी और तापमान जैसे सभी मौसमीय तत्वों में बदलाव देखने को मिलेगा। कुल मिलाकर उत्तर भारत को एक बार फिर ठिठुरती सर्दी, बारिश और तेज हवाओं का सामना करना पड़ सकता है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है।


