न्यूज डेस्क : बांग्लादेश में एक और हिंदू की कथित तौर पर सरेआम गोली मारकर हत्या का मामला सामने आया है. बताया जा रहा है कि जेस्सोर के मोनिरामपुर में राणा प्रताप बैरागी एक स्थानीय अख़बार के कार्यवाहक संपादक भी थे. हालांकि, पुलिस के मुताबिक राणा प्रताप बैरागी के ख़िलाफ़ हत्या, बलात्कार और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत अलग-अलग पुलिस थानों में तीन मामले दर्ज हैं.
घटना सोमवार शाम को मोनिरामपुर उपज़िले के एक बाज़ार में हुई. बैरागी की हत्या को लेकर सोशल मीडिया पर काफ़ी चर्चा हो रही है. हालांकि, उनकी हत्या की वजह अभी भी एक रहस्य बनी हुई है. घटना के बारे में पूछे जाने पर पुलिस ने कहा कि हत्या के इस मामले की जांच अभी जारी है. मोनिरामपुर पुलिस स्टेशन के प्रभारी मोहम्मद राज़िउल्लाह ख़ान ने बताया, “इस मामले में जांच प्रक्रिया चल रही है. हम मामले पर कार्रवाई कर रहे हैं. लड़के के पिता ने मामला दर्ज कराया है.” स्थानीय लोगों के अनुसार राणा प्रताप बैरागी की हत्या उनकी आइस फ़ैक्ट्री के बगल में हुई थी.
पुलिस, परिवार के सदस्यों और स्थानीय लोगों ने बताया कि घटना वाले दिन शाम छह बजे कुछ लोगों ने बैरागी को बर्फ़ की फ़ैक्ट्री से बुलाया और उन्हें पास के ही कपालिया क्लिनिक और डायग्नोस्टिक सेंटर ले गए. उसी जगह बहस के दौरान बैरागी को सिर में गोली मारी गई और हमलावर फ़रार हो गए. वहीं, गोली लगने से बैरागी की मौके पर ही मौत हो गई. मृतक के पिता तुषार कांति बैरागी ने दावा किया कि उनके बेटे का किसी से कोई कारोबार से जुड़ा विवाद नहीं था.
उन्होंने कहा कि वह इस बात को समझ नहीं पा रहे और न ही उन्हें कोई अंदाज़ा है कि हत्या क्यों की गई. उन्होंने कहा, “मुझे इसमें कोई कारोबार से जुड़ा विवाद नज़र नहीं आता. मुझे तो समझ ही नहीं आ रहा कि हुआ क्या. हमें समझ नहीं आया कि यह सब अचानक क्यों हुआ, उन्होंने ऐसा क्या किया.” तुषार कांति के अनुसार उनका बेटा घटना वाले दिन दोपहर तीन बजे कपालिया बाज़ार स्थित अपनी फैक्ट्री पर गया था. उन्होंने कहा, “यह घटना आइस फैक्ट्री के बगल में हुई. उन्होंने उसे बुलाया और अपने साथ ले गए.”
जब तुषार कांति से पूछा गया कि उनके बेटे को कौन ले गया था, वे लोग कौन थे और क्या इन्हीं लोगों पर हत्या का संदेह है? तो उन्होंने कहा, “शायद ऐसा हो. अब…हम उन्हें पहचान नहीं पाए. मेरा मतलब है कि हम घटनास्थल पर नहीं थे. ख़बर मिलने के बाद मैं यहां आया.”
इस बीच, जब मोनिरामपुर पुलिस स्टेशन के प्रभारी रज़ीउल्लाह ख़ान से पूछा गया कि हत्या में कौन शामिल था या हत्या की वजह क्या थी, तो उन्होंने कहा कि मामले की जांच चल रही है. पुलिस फिलहाल इस मामले के बारे में ज़्यादा बात करने से परहेज़ कर रही है. हालांकि, मोनिरामपुर पुलिस स्टेशन प्रभारी ख़ान ने ये बताया कि राणा प्रताप बैरागी को सिर में तीन गोलियां मारी गई थीं और उनका गला भी काटा गया था. पुलिस अधिकारी ने बताया कि शव का पोस्टमॉर्टम जेस्सोर अस्पताल में होगा.


