नई दिल्ली : देश की प्रमुख एयरलाइंस इंडिगो का परिचालन संकट गुरुवार को भी जारी रहा, जिसके कारण यात्रियों की मुश्किलें बढ़ी हुई नजर आई. एयरलाइन ने पूरे देश में गुरूवार को लगभग 550 से अधिक उड़ानें रद्द कीं, जिनमें अकेले दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद और हैदराबाद में ही 191 उड़ानें प्रभावित हुईं. हजारों यात्रियों को लंबी कतारें, इंतजार और अनिश्चितता का सामना करना पड़ा. अब हालात बिगड़ने और डीजीसीए की सख्ती के बीच इंडिगो ने आधिकारिक बयान जारी कर मौजूदा स्थिति पर माफी मांगी और जल्द सामान्य संचालन बहाल करने का भरोसा दिया.
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एयरलाइन का माफीनामा
एयरलाइन ने कहा, “पिछले दो दिनों में इंडिगो के नेटवर्क और संचालन में व्यापक व्यवधान आया है. हम सभी यात्रियों और हितधारकों से खेद प्रकट करते हैं. हमारी टीमें MOCA, DGCA, BCAS, AAI और एयरपोर्ट ऑपरेटरों के साथ समन्वय कर स्थिति को सामान्य करने में जुटी हैं. ग्राहकों को लगातार अपडेट दिया जा रहा है और उनसे अपने उड़ानों की स्थिति जांचने की अपील की गई है.”
इंडिगो ने दावा किया है कि परिचालन सुधार के लिए युद्धस्तर पर काम चल रहा है. जल्द ही स्टाफ तथा प्रबंधन की कमी से जुड़ी समस्याओं को सुलझा लिया जाएगा. फिलहाल यात्रियों को उड़ान स्थितियों की लगातार जांच करने और आवश्यक यात्रा दस्तावेजों के साथ समय से पहले एयरपोर्ट पहुंचने की सलाह दी गई है.
डीजीसीए ने लगाई फटकार
इससे पहले लगातार फ्लाइट्स के रद्द होने और यात्रियों की बढ़ रही मुश्किलों के बाद डीजीसीए ने मामले के जांच का आदेश दिया और एयरलाइन से विस्तृत कारण बताए जाने को कहा. जवाब में इंडिगो ने बताया कि 1,232 उड़ानों में से 755 उड़ानें स्टाफ की कमी के कारण रद्द हुईं. 92 ATC फेलियर, 258 एयरपोर्ट प्रतिबंध और 127 अन्य कारणों के कारण रद्द हुईं. डीजीसीए ने सेवा गुणवत्ता में सुधार के लिए नए कदम उठाने, अधिक क्रू भर्ती, बेहतर योजना और निगरानी की सलाह दी है.
लोगों ने जताई नाराजगी
बड़े पैमाने पर फ्लाइट कैंसिलेशन के कारण हजारों यात्रियों ने सोशल मीडिया पर नाराजगी जताई, वीडियो और तस्वीरें शेयर करके एयरलाइन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए. कई यात्रियों ने टिकट रिफंड, रीबुकिंग में देरी और जानकारी की कमी को लेकर शिकायतें कीं. उन्होंने परिचालन संकट के कारण गिनाए, जिनमें शामिल हैं- मामूली तकनीकी खामियां, शेड्यूल बदलाव, खराब मौसम, एविएशन सिस्टम में भीड़भाड़ और नई FDTL नॉर्म्स का प्रभाव. मिले आंकड़ों के अनुसार, नवंबर महीने में ही एयरलाइन को 1,232 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जबकि कई उड़ानें घंटों देरी से चलीं.

