रांची :
Highlights:
राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने झारखण्ड राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ के पावन अवसर पर मोरहाबादी मैदान में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि झारखण्ड के 25 वर्ष पूर्ण होना सभी राज्यवासियों के लिए आत्मगौरव, आत्मचिंतन और आत्मसंकल्प का क्षण है. उन्होंने कहा कि इस राज्य की नींव जन-आकांक्षाओं, संघर्षों और सपनों की भूमि पर रखी गई है. भगवान बिरसा मुंडा, सिद्धू-कान्हू, नीलांबर-पीतांबर, फूलो-झानो समेत सभी स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हुए उन्होंने कहा कि उनके त्याग और बलिदान ने इस पावन धरती की गौरवगाथा को और अधिक समृद्ध किया है.
झारखण्ड राज्य के गठन में योगदान

राज्यपाल संतोष गंगवार ने झारखण्ड राज्य के गठन में योगदान हेतु पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए कहा कि उनकी दूरदृष्टि और संकल्प के कारण ही इस राज्य का सृजन संभव हो सका.
उन्होंने यह भी कहा कि यह दिन इसलिए भी विशेष महत्व रखता है क्योंकि आज भगवान बिरसा मुंडा की जयंती है और पूरा देश धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को “जनजातीय गौरव दिवस” के रूप में मना रहा है. उन्होंने इसके लिए माननीय प्रधानमंत्री जी के प्रति आभार व्यक्त किया, जिन्होंने भगवान बिरसा मुंडा के असाधारण योगदान को राष्ट्रीय गौरव से जोड़ा.
दिशोम गुरू शिबू सोरेन को भावपूर्ण श्रद्धांजलि
राज्यपाल ने झारखण्ड राज्य के गठन में सहभागी सभी महानुभावों को नमन करते हुए कहा कि वर्ष 2000 में जब झारखण्ड राज्य अस्तित्व में आया, तब वे केन्द्रीय मंत्रिपरिषद के सदस्य थे और लोकसभा सांसद के रूप में राज्य के गठन के पक्ष में मतदान कर अपना योगदान दिया था. उन्होंने अपने लम्बे समय के संसदीय सहयोगी एवं झारखण्ड आंदोलन के नेता दिवंगत दिशोम गुरू शिबू सोरेन जी को स्मरण करते हुए उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की.
खनन, ऊर्जा सहित अनेक क्षेत्रों में प्रगति

राज्यपाल ने कहा कि बीते 25 वर्षों में झारखण्ड ने शिक्षा, कृषि, खनन, ऊर्जा, खेल और संस्कृति सहित अनेक क्षेत्रों में प्रगति की है. राज्य की प्राकृतिक एवं खनिज संपदा, सांस्कृतिक विरासत तथा परिश्रमी नागरिक इसकी सबसे बड़ी शक्ति हैं.
उन्होंने धार्मिक, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक स्थलों के योजनाबद्ध विकास की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि इससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि व्यापक स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न होंगे. उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के समक्ष शिक्षा, स्वास्थ्य, गरीबी, बेरोजगारी और पलायन जैसी चुनौतियाँ अवश्य हैं, किन्तु जन-सहयोग, सुशासन और दूरदर्शी नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन से इन चुनौतियों का समाधान पूरी तरह संभव है.
सशक्त, समृद्ध और विकसित झारखण्ड का निर्माण

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में ‘विकसित भारत @2047’ की परिकल्पना को साकार करने में झारखण्ड अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. राज्यपाल ने कहा कि रजत जयंती वर्ष के अवसर पर प्रत्येक नागरिक को यह संकल्प लेना चाहिए कि वह एक सशक्त, समृद्ध और विकसित झारखण्ड के निर्माण में अपनी सक्रिय व ईमानदार भूमिका निभाए. उन्होंने आशा व्यक्त की कि सभी के सम्मिलित प्रयासों से आने वाले वर्षों में झारखण्ड विकास के नए आयाम स्थापित करेगा. उन्होंने समारोह में दिवंगत दिशोम गुरू शिबू सोरेन के जीवन-वृत्त पर आधारित प्रदर्शनी तथा विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल का भी अवलोकन किया.


