Wednesday, July 22, 2026

ईरान की जेल में एक साल से बंद भारत के 10 नाविक रिहा, भारत सरकार ने शुरू की वापसी की तैयारी

न्यूज डेस्क: ईरान में हिरासत में लिए गए 10 भारतीय नाविकों को आखिरकार रिहा कर दिया गया है। भारत के नौवहन महानिदेशालय ने मंगलवार देर रात इसकी जानकारी दी। ये सभी नाविक जुलाई 2025 से ईरान की हिरासत में थे। अधिकारियों के अनुसार, लगातार कूटनीतिक प्रयासों और बातचीत के बाद सभी भारतीय नागरिक सुरक्षित रूप से रिहा हो गए हैं।

Air Now के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें:-

ऑयल टैंकर को रोके जाने के बाद हुई थी गिरफ्तारी

महानिदेशालय के मुताबिक, एमवी हार्बर फीनिक्स नामक ऑयल टैंकर के चालक दल को ईरान के जास्क पोर्ट के पास हिरासत में लिया गया था। जहाज को रोके जाने के बाद उसमें मौजूद भारतीय नाविकों को भी पकड़ा गया था। जहाज ट्रैकिंग वेबसाइटों के अनुसार, एमवी हार्बर फीनिक्स पलाऊ के झंडे वाला तेल उत्पाद टैंकर है। हालांकि, भारतीय अधिकारियों ने नाविकों की गिरफ्तारी के पीछे के सटीक कारणों की ज्यादा जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।

भारत सरकार ने अपनाई शांत कूटनीति

रिपोर्ट के अनुसार, भारत सरकार ने इस पूरे मामले में संतुलित और शांत कूटनीतिक रुख अपनाया। भारत ने सार्वजनिक बयानबाजी से बचते हुए ईरान के साथ लगातार बातचीत जारी रखी। अधिकारियों का मानना है कि इसी रणनीति के कारण नाविकों की सुरक्षित रिहाई संभव हो सकी। भारत के ईरान के साथ लंबे समय से ऊर्जा और राजनयिक संबंध रहे हैं। वहीं भारत के अमेरिका और इजरायल के साथ भी करीबी रिश्ते हैं। ऐसे में भारत ने इस संवेदनशील मामले में संतुलन बनाए रखने की कोशिश की। नौवहन महानिदेशालय ने कहा है कि सभी नाविक सुरक्षित हैं और उन्हें जल्द से जल्द भारत वापस लाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए जरूरी दस्तावेजी और यात्रा संबंधी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। परिवारों ने भी नाविकों की रिहाई पर खुशी जताई है और भारत सरकार के प्रयासों की सराहना की है।

होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ा तानाव

विशेषज्ञों के अनुसार, हाल के महीनों में ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर निगरानी और प्रतिबंध बढ़ा दिए हैं। यह कदम उस समय और तेज हो गया, जब 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल की ओर से हमले शुरू किए गए थे। ईरानी बल अक्सर खाड़ी क्षेत्र में उन जहाजों को रोकने की कार्रवाई करते हैं, जिन पर अवैध रूप से ईंधन ले जाने का आरोप होता है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक रास्तों में शामिल है। दुनिया के करीब पांचवें हिस्से का तेल और एलएनजी इसी मार्ग से होकर गुजरता है। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक देश है और अपने कच्चे तेल का लगभग आधा हिस्सा इसी समुद्री मार्ग के जरिए मंगाता है। ऐसे में इस क्षेत्र में बढ़ता तनाव भारत समेत कई देशों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।

यह भी पढ़ें: NEET पेपर लीक मामले में CBI ने प्रिंसिपल से क्वेशन लेने वाला छात्र गिरफ्तार

Air Now के यूट्यूब चैनल को देखने के लिए यहां क्लिक करें:-

spot_img

एयर नाऊ स्पेशल

देश का एआई हब बनने की तैयारी कर रहा...

न्यूज़ डेस्क : झारखंड. ये नाम सुनते ही दिमाग में सबसे पहले क्या आता है? कोयला, लोहे की खदानें, मिनरल्स या शायद आदिवासी संस्कृति....
- Advertisement -spot_img

सोशल मीडिया

25,000FansLike
40,000FollowersFollow
500FollowersFollow
113,000SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

ट्रेंडिंग ख़बर