राँची: झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष रबीन्द्र नाथ महतो ने गुरुवार 9 अप्रैल को नवगठित समितियों के सभापतियों के साथ एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक की। विधानसभा स्थित समिति कक्ष में आयोजित इस बैठक में अध्यक्ष महोदय ने स्पष्ट किया कि समितियों की सक्रियता ही राज्य के विकास और जन-कल्याण की असली कसौटी है। इसके साथ ही उन्होंने कई महत्वपूर्ण निर्देश भी दिए।
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सत्ता और विपक्ष मिलकर लिखें विकास की नई पटकथा- अध्यक्ष
बैठक को संबोधित करते हुए अध्यक्ष ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की सबसे बड़ी खूबसूरती समिति प्रणाली है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राजनीति में सत्ता पक्ष और विपक्ष के अपने विचार हो सकते हैं, लेकिन जब बात राज्य के विकास की आती है, तो दोनों ही पक्ष समितियों के माध्यम से एक साझा मंच पर आकर अपनी महती भूमिका निभाते हैं।
समितियों की रिपोर्ट पर सरकार की होगी गंभीर नजर
विधानसभा अध्यक्ष ने समितियों के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि सदन की कार्यवाही के बाद समितियां ही वे स्तंभ हैं जो महत्वपूर्ण मुद्दों पर पैनी नजर रखती हैं। उन्होंने कहा कि समिति द्वारा दी गई रिपोर्ट को न केवल सदन के पटल पर गंभीरता से लिया जाता है, बल्कि सरकार भी इनकी अनुशंसाओं पर त्वरित कार्रवाई करती है।
अब फील्ड में उतरेगी समितियां
बैठक के दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने समितियों की कार्यप्रणाली में सुधार हेतु कई कड़े और प्रभावी निर्देश दिए हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि समितियों की बैठकें एक निश्चित समयांतराल पर अनिवार्य रूप से आयोजित की जाएं। साथ ही समितियां केवल राजधानी तक सीमित न रहें, बल्कि विभिन्न जिलों का दौरा करें ताकि स्थानीय स्तर पर जन-कल्याणकारी मुद्दों का मौके पर ही निराकरण हो सके। इसके साथ ही मुख्य सचिव को निर्देश दिया गया कि हर विभाग के संबंधित उच्च अधिकारी समिति की बैठकों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें।
इसके साथ विधानसभा अध्यक्ष ने राज्य के मुख्य सचिव को निर्देशित किया कि समितियों द्वारा दिए गए निर्देशों का अनुपालन विभागों में त्वरित और तत्परता के साथ होना चाहिए। इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस महत्वपूर्ण बैठक में विधानसभा की विभिन्न समितियों के माननीय सभापतियों के साथ-साथ झारखंड सरकार के मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव और महालेखाकार (AG) झारखंड मुख्य रूप से उपस्थित रहे।


