Tuesday, September 29, 2026

क्या आप भी रात में “बस एक आखिरी रील” बोलकर 2 बजे तक जागते रहते हैं? डिजिटल सनसेट बदल सकता है आपकी नींद

Lifestyle Desk: रात के 12 बज चुके हैं. लाइट धीमी है, फोन हाथ में है, और आप सोचते हैं बस 5 मिनट और. लेकिन कब 2 बज जाते हैं, पता ही नहीं चलता. आजकल यही कहानी हर दूसरे व्यक्ति की है. खासकर युवाओं में देर रात तक स्क्रॉल करने की आदत तेजी से बढ़ रही है. इसी बीच एक नया हेल्थ ट्रेंड फिर से चर्चा में है. नाम है डिजिटल सनसेट. मतलब सोने से कम से कम एक घंटा पहले मोबाइल, लैपटॉप और टीवी जैसी स्क्रीन से दूरी बना लेना. आसान लगता है, लेकिन करना उतना आसान नहीं. जब हम रात में फोन देखते रहते हैं, तो दिमाग को लगता है कि अभी दिन खत्म नहीं हुआ.

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स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी मेलाटोनिन नाम के हार्मोन को कम कर देती है. यही हार्मोन हमें नींद के लिए तैयार करता है. नतीजा यह होता है कि शरीर थका होता है, लेकिन नींद नहीं आती. सिर्फ नींद ही नहीं, आंखों पर भी असर पड़ता है. लंबे समय तक स्क्रीन देखने से आंखों में जलन, सूखापन और सिरदर्द जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं. कई लोग सुबह उठते ही थकान महसूस करते हैं, जबकि रातउन्होंने पूरी रात बिस्तर पर बिताई होती है.

फोन छोड़ना मुश्किल क्यों

रात का समय शांत होता है. दिन भर का स्ट्रेस होता है. ऐसे में फोन एक तरह से ध्यान भटकाने का आसान तरीका बन जाता है. सोशल मीडिया, वीडियो, शॉपिंग या चैटिंग. सब कुछ एक क्लिक पर मिलता है. यही वजह है कि लोग चाहकर भी फोन दूर नहीं रख पाते. डॉक्टरों का कहना है कि यह सिर्फ आदत नहीं, बल्कि दिमाग की जरूरत बनती जा रही है. लगातार कंटेंट देखने से दिमाग एक्टिव रहता है और उसे अचानक शांत करना मुश्किल हो जाता है.

डिजिटल सनसेट कैसे मदद करता है

एक्सपर्ट्स के मुताबिक अगर आप सोने से 60 से 90 मिनट पहले स्क्रीन बंद कर दें, तो शरीर खुद को आराम के लिए तैयार करने लगता है. कई लोगों पर इसके अच्छे असर देखे गए हैं. नींद जल्दी आती है, बार-बार नहीं टूटती और सुबह फ्रेश महसूस होता है. कुछ मामलों में लोगों की एंग्जायटी भी कम हुई है. ध्यान बेहतर हुआ है और दिन भर की एनर्जी बढ़ी है. खास बात यह है कि इसका असर हर उम्र के लोगों पर देखा गया है, चाहे युवा हों या बुजुर्ग.

एकदम से फोन छोड़ना मुश्किल है. इसलिए धीरे-धीरे शुरुआत करें. पहले 10 मिनट, फिर 20 मिनट. सोने से पहले फोन को बेड से दूर रखें. उसकी जगह किताब पढ़ें, हल्का म्यूजिक सुनें या बस आराम से बैठें. छोटे-छोटे बदलाव ही बड़ा फर्क लाते हैं. डिजिटल सनसेट कोई सख्त नियम नहीं, बल्कि एक आदत है जो आपको बेहतर नींद और बेहतर हेल्थ दे सकती है.

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एयर नाऊ स्पेशल

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