पलामू: Palamu Murder एक फोन कॉल से शुरू हुई कहानी है जिसमें… फिर दोस्ती होती है. मिलने का सिलसिला शुरू हुआ. और आखिर में यही दोस्ती पंकज उरांव को जंगल तक ले गई। पुलिस के मुताबिक, इसके पीछे 10 लाख रुपये की कथित सुपारी थी। मामला झारखंड के पलामू जिले का है। जहां पुलिस ने एक ऐसे हत्याकांड का खुलासा किया है, जिसमें पति-पत्नी का विवाद, पैसों का लालच और फोन पर बुना गया प्यार का जाल… सब एक ही कहानी में जुड़ते चले गए।
Highlights:
23 सितंबर को पलामू के लेस्लीगंज थाना क्षेत्र के एकता जंगल से एक युवक का शव मिला। पहचान हुई पंकज उरांव के तौर पर। पंकज पाटन थाना क्षेत्र के बंजारी का रहने वाला था। लेकिन पुलिस के मुताबिक, कहानी चार दिन पहले ही शुरू हो चुकी थी। 19 सितंबर को पंकज के पिता ने उसके लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी।
Palamu Murder पर पुलिस ने क्या कहा
अब पुलिस ने जांच शुरू की। मोबाइल फोन और कॉल डिटेल खंगाली गई। पूछताछ हुई। और शक की सुई पंकज की पत्नी अनिमा कुमारी और उसके मायके से जुड़े कुछ लोगों तक पहुंची।पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में अनिमा ने पति पर मारपीट और प्रताड़ना के आरोप लगाए। उसका कहना था कि उसे डर था कि अगर पंकज को नहीं मरवाया गया तो वह खुद उसे मार देगा। पुलिस को उसके मोबाइल से ऐसी बातचीत की रिकॉर्डिंग मिलने की भी बात कही गई है, जिसमें पंकज की तरफ से जान से मारने की धमकी का जिक्र था।
अब Palamu Murder की कहानी में एक और किरदार आता है। अनिमा के पिता रामजन्म उरांव का। पुलिस के मुताबिक, अप्रैल में पंकज काम के सिलसिले में जबलपुर गया था। इसी दौरान अनिमा अपने मायके चियांकी चली गई। पंकज 2 सितंबर को वापस लौटा। इसके दो दिन बाद अनिमा अपने पिता के साथ सतबरवा के खामडीह गांव गई।
यहीं पुलिस की जांच एक और कड़ी तक पहुंची। रामजन्म की पहचान तेतरी देवी और उसके पति पिंटू उरांव से थी। पुलिस के मुताबिक, तेतरी झाड़-फूंक का काम करती है। इसी दौरान हत्या की साजिश की बात सामने आई।
पुलिस का दावा है कि रामजन्म को NHAI से जमीन के बदले 50 लाख रुपये मिले थे। इसी रकम में से कथित तौर पर हत्या की सुपारी के लिए 10 लाख रुपये तय किए गए। जांच में तेतरी के बैंक खाते में करीब 8 लाख रुपये होने की बात भी सामने आई है।लेकिन पंकज को जंगल तक ले जाए कौन?
Palamu Murder के लिए तैयार हुआ पूरा जाल।
पुलिस के मुताबिक, तेतरी देवी ने पांकी की रहने वाली रिंकी देवी को साजिश में शामिल किया। रिंकी ने फोन पर अपना नाम काजल बताया और पंकज से बातचीत शुरू की। पहले फोन पर दोस्ती हुई। फिर बातचीत बढ़ी और मिलने की बात होने लगी।17 सितंबर को पहली मुलाकात हुई। पुलिस के मुताबिक, रिंकी काजल बनकर पंकज से मेदिनीनगर में मिली। इसके बाद उसे 19 सितंबर को दोबारा मिलने के लिए बुलाया गया।और यही वो मुलाकात थी, जिसके बाद पंकज वापस घर नहीं लौटा।
Palamu Murder के पहले क्या हुआ था
पुलिस के मुताबिक, पंकज बाइक से एकता जंगल की तरफ पहुंचा। दूसरी तरफ पिंटू कुमार, जितेंद्र उरांव और दिलेश्वर सिंह कार से वहां पहुंचे थे। आरोप है कि जंगल में पंकज की हत्या कर दी गई और शव को झाड़ियों में छोड़ दिया गया।
चार दिन बाद यानी 23 सितंबर को शव मिला। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर Palamu Murder की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं।
पुलिस के मुताबिक, मामले में अनिमा कुमारी समेत कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें तीन महिलाएं और चार पुरुष हैं। आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, नकदी, बैंक से जुड़े दस्तावेज और एक कार बरामद होने की बात पुलिस ने कही है।
Palamu Murder की पूरी कहानी में सबसे अहम बात ये है कि पुलिस के मुताबिक शुरुआत एक घरेलू विवाद से हुई, फिर इसमें पैसों की बात जुड़ी और आखिर में एक फर्जी पहचान के जरिए पंकज को मिलने के लिए बुलाया गया।हालांकि, पुलिस के आरोप और जांच में सामने आई बातें अभी न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं। हत्या की साजिश में किसकी क्या भूमिका थी और आरोप कितने सही हैं, इसका अंतिम फैसला अदालत में होगा।


