हरियाणा: रैपर और सिंगर बादशाह के नए गाने टटीरी को लेकर विवाद गहरा गया है। हरियाणा राज्य महिला आयोग ने गाने के कथित आपत्तिजनक बोल और दृश्यों को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए बादशाह की गिरफ्तारी और पासपोर्ट जब्त करने के निर्देश दिए हैं। आयोग के समन पर शुक्रवार को पेश न होने के बाद यह कार्रवाई की गई।
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समन पर पेश नहीं हुए बादशाह
हरियाणा महिला आयोग ने गाने के विवाद को लेकर बादशाह को नोटिस भेजकर पेश होने के लिए कहा था। शुक्रवार को आयोग के सामने उनकी पेशी तय थी, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुए। उनकी ओर से वकील पेश हुए और बताया कि प्रोफेशनल कमिटमेंट के कारण बादशाह उपस्थित नहीं हो सके। वकीलों ने आयोग से अगली तारीख देने की मांग की।
महिला आयोग की अध्यक्ष ने जताई नाराजगी
पेशी के दौरान आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया इस बात पर नाराज हो गईं कि सिंगर स्वयं उपस्थित नहीं हुए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर बादशाह दोपहर तीन बजे तक पेश नहीं होते हैं तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने पंचकूला और पानीपत के पुलिस अधीक्षकों को बादशाह की गिरफ्तारी और पासपोर्ट जब्त करने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि यह सुनिश्चित किया जाए कि वह देश छोड़कर बाहर न जाएं।
6 मार्च को भेजा गया था नोटिस
महिला आयोग ने 6 मार्च को नोटिस जारी कर बादशाह को पानीपत एसपी कार्यालय में उपस्थित होने के लिए कहा था। हालांकि बादशाह के वकील ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपना पक्ष रखने की अनुमति मांगी थी।
1 मार्च 2026 को रिलीज हुए टटीरी गाने को लेकर विवाद बढ़ने के बाद पंचकूला पुलिस ने इसे यूट्यूब से हटवा दिया था। गाने के रिलीज होते ही महिला आयोग और कई सामाजिक संगठनों ने इसके बोल और वीडियो को लेकर विरोध जताया था।
बादशाह ने मांगी थी माफी
विवाद बढ़ने के बाद बादशाह ने एक वीडियो जारी कर कहा था कि उनके गाने के कुछ बोल और दृश्यों से हरियाणा के कुछ लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने कहा कि वह खुद हरियाणा से हैं और लोगों से उन्हें हरियाणा का बेटा समझकर माफ करने की अपील की थी।
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गाने में कथित रूप से अश्लील शब्दों और महिलाओं को गलत तरीके से प्रस्तुत करने के आरोप लगाए गए हैं। महिला आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया ने इसे असभ्य बताते हुए कहा कि यह महिलाओं को ऑब्जेक्टिफाई करने वाला है और समाज में गलत संदेश देता है।
बिना अनुमति शूटिंग का भी आरोप
विवाद का एक कारण गाने की शूटिंग भी बनी है। वीडियो में जींद रोडवेज की बस और नरवाना के सच्चा खेड़ा गांव के एक सरकारी स्कूल का दृश्य दिखाया गया है। संबंधित विभाग का आरोप है कि इन स्थानों पर शूटिंग के लिए कोई आधिकारिक अनुमति नहीं ली गई थी। वीडियो में स्कूल ड्रेस पहनी लड़कियों को स्कूल बैग फेंकते और बस के ऊपर खड़े होकर गाने के दृश्य में दिखाया गया है। इस पर कई सामाजिक संगठनों ने आरोप लगाया कि इससे समाज में गलत संदेश जा सकता है। इसी को लेकर महिला आयोग ने इस पूरे मामले में कड़ी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की है।


