असम : असम के मशहूर गायक जुबीन गर्ग की रहस्यमयी मौत के बाद उनकी पत्नी गरिमा सैकिया गर्ग ने गुरुवार को पहली बार खुलकर अपनी बात रखी। सिंगापुर की कोरोनर कोर्ट में मामले की सुनवाई होने के एक दिन बाद उन्होंने फेसबुक पर एक भावुक और विस्तृत बयान जारी किया, जिसमें उन्होंने न्याय की अपनी लड़ाई जारी रखने का संकल्प दोहराया। गरिमा ने लिखा कि 19 सितंबर 2025 का वह दिन उनके परिवार के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं था। लाजरस द्वीप के पास समुद्र में तैरते समय जुबीन गर्ग के डूबने की खबर ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया था।
उन्होंने बताया कि उस समय वे मानसिक रूप से इतने टूट चुके थे कि तुरंत कानूनी कदम उठाना उनके लिए संभव नहीं था। हालांकि, बाद में नौका के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद कई गंभीर सवाल उठे, जिसके चलते परिवार ने शिकायत दर्ज कराई। गरिमा ने कहा कि सिंगापुर के अधिकारियों ने घटना के तुरंत बाद स्वतः संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी थी, लेकिन परिवार ने जांच प्रक्रिया प्रभावित न हो, इसलिए लंबे समय तक सार्वजनिक बयान देने से परहेज किया।
स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद उन्होंने असम सीआईडी में एफआईआर दर्ज कराई, जिसके बाद विशेष जांच दल एसआईटी का गठन किया गया। महीनों की जांच के बाद असम पुलिस ने हत्या से जुड़ी धाराओं के तहत 2,500 से अधिक पन्नों की चार्जशीट दाखिल की।
उन्होंने सिंगापुर कोर्ट की सुनवाई का हवाला देते हुए यात्रा की योजना, सुरक्षा इंतजामों और घटनास्थल की परिस्थितियों पर कई गंभीर सवाल उठाए। अदालत में बताया गया कि जुबीन ने कथित तौर पर शराब पी थी और लाइफ जैकेट पहनने से इनकार कर दिया था, लेकिन गरिमा ने इन तथ्यों पर संदेह जताया। अंत में उन्होंने केंद्र और असम सरकार से मामले की कड़ी निगरानी करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ उनके परिवार का मामला नहीं है, जुबीन गर्ग असम की आवाज थे, और उनकी मौत की सच्चाई जानने का हक पूरे राज्य की जनता को है।


