डेस्क: इस साल पुत्रदा एकादशी का व्रत 23 अगस्त 2026, रविवार को रखा जाएगा। हिंदू धर्म में इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पुत्रदा एकादशी का व्रत संतान की सुख-समृद्धि, लंबी उम्र और परिवार की खुशहाली की कामना के लिए रखा जाता है। श्रद्धा, संयम और सात्विक भाव से किया गया व्रत परिवार में सुख-शांति और सकारात्मक भावना बरकरार रहती है।
व्रत रखने वाले श्रद्धालु सुबह जल्दी उठकर स्नान करके भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लेते हैं। इसके बाद पूजा स्थल को साफ करके भगवान विष्णु की प्रतिमा या तस्वीर के सामने दीपक जलाया जाता है।
पूजा में भगवान विष्णु को पीले फूल, फल और तुलसी पत्र अर्पित किए जाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान विष्णु को तुलसी पत्र अत्यंत प्रिये है इसीलिए पूजा में तुलसी पत्र का विशेष रूप से इस्तेमाल करें। श्रद्धालु अपनी क्षमता और स्वास्थ्य के अनुसार निर्जला, फलाहार या सामान्य व्रत रख सकते हैं।
व्रत के दौरान भगवान विष्णु के नामों का जाप करना काफी लाभदायक होता है। “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करे। व्रत के दौरान मन को शांत रखे, क्रोध और नकारात्मक विचारों से दूर रहे तथा नैतिक व्यवहार अपनाने की कोशिश करे। धार्मिक परंपराओं में पूजा के साथ दान और सेवा को भी महत्वपूर्ण माना गया है। अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र या अन्य उपयोगी वस्तुओं का दान भी किया जा सकता है। पुत्रदा एकादशी वर्ष में दो बार आती है एक बार सावन में और दूसरी पौष माह में।
पूरे दिन भगवान विष्णु का ध्यान और भजन करे। मान्यता है कि श्रद्धा और नियम के साथ पुत्रदा एकादशी का व्रत करने से परिवार में सुख-शांति और सकारात्मकता बनी रहती है।

