Friday, October 30, 2026

“मरना तो जंगल में भी है और बाहर भी”, मुठभेड़ में मारे जाने से दो दिन पहले ही अपने माता-पिता से नक्सली ने कहे थे ये शब्द

चाईबासा : कोल्हान यानी चाईबासा में दो दिन पहले टोटो व गोइलकेरा थाना क्षेत्र की सीमा से लगे घने जंगलों में बुधवार सुबह पुलिस और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में मारे गए नक्सली इसराइल पूर्ति उर्फ अमृत पूर्ति का शव गुरुवार देर रात सदर अस्पताल लाया गया। आज शुक्रवार को पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। पोस्टमॉर्टम के लिए तीन डॉक्टरों की मेडिकल टीम बनाई गई है। इस मेडिकल टीम की देखरेख और वीडियोग्राफी में ही मृतक ईनामी नक्सली का पोस्टमार्टम किया जाएगा।

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दो दिन पहले परिजनों से मिला था

कोल्हान क्षेत्र के रूटुगुटु जंगलों में 29 अप्रैल को सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में एक लाख रुपये का इनामी नक्सली इसराइल पुर्ती उर्फ अमृत पुर्ती मारा गया था. बताया जा रहा है कि मुठभेड़ के दो दिन पहले ही मृतक ईनामी नक्सली के माता-पिता तांतराबुरु जंगल में बेटे से मिलने पहुंचे थे और अपने बेटे से घर लौटने की अपील की थी. इस पर इसराइल पुर्ती ने कहा “मरना तो जंगल में भी है और बाहर भी” और लौटने से इनकार कर दिया.

15 वर्ष की उम्र में संगठन से जुड़ा

परिवार ने बताया कि वह 15 वर्ष की उम्र में नक्सली संगठन से जुड़ा था और हाल के दिनों में 25 लाख के इनामी नक्सली अजय महतो का अंगरक्षक था. सूत्रों के मुताबिक, मुठभेड़ के बाद नक्सली छोटे-छोटे समूहों में बंटकर जंगलों में फरार हो गए हैं. इलाके में अब भी उनकी मौजूदगी की आशंका को देखते हुए सुरक्षा बलों की कार्रवाई जारी है. गौरतलब है कि कोल्हान और सारंडा में नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है. नक्सली अब दस किलोमीटर के दायरे में सिमट चुके है.

एयर नाऊ स्पेशल

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