Tuesday, September 15, 2026

12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की मतदाता सूचियां फ्रीज, चुनाव आयोग ने किया विशेष पुनरीक्षण का ऐलान

देश  : देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की मतदाता सूचियां सोमवार आधी रात से फ्रीज कर दी गईं। यह कदम चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Integrated Revision – SIR) की घोषणा के बाद उठाया गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सोमवार शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि आधी रात से मतदाता सूचियां फ्रीज कर दी जाएंगी। इसके साथ ही अब इन राज्यों में राज्य सरकारों को प्रशासनिक फेरबदल के लिए चुनाव आयोग से अनुमति लेनी होगी।

SIR प्रक्रिया की शुरुआत

ज्ञानेश कुमार ने कहा कि बिहार में पहले चरण की सफलता के बाद अब देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इस विशेष पुनरीक्षण के तहत मतदाता सूची का अद्यतन, मिलान और सत्यापन किया जाएगा ताकि सूचियों में पारदर्शिता और सटीकता बनी रहे।

बीएलओ करेंगे घर-घर सत्यापन

चुनाव आयोग ने बताया कि अब बूथ स्तरीय अधिकारी (BLO) फ्रीज की गई मतदाता सूची में शामिल प्रत्येक मतदाता को एक विशिष्ट गणना प्रपत्र सौंपेंगे। इस प्रपत्र में मतदाता सूची से जुड़ी आवश्यक जानकारियाँ होंगी। BLO मतदाताओं से यह गणना प्रपत्र भरवाने के बाद मिलान करेंगे कि उनका नाम पिछली SIR सूची में था या नहीं। अगर मतदाता का नाम पिछली सूची में है, तो उन्हें कोई अतिरिक्त दस्तावेज जमा नहीं करना पड़ेगा। सिर्फ प्रपत्र भरकर जमा करना होगा। यदि मतदाता के माता-पिता का नाम पहले से सूची में दर्ज है, तो उन्हें भी कोई नया दस्तावेज नहीं देना होगा।

असम को मिली विशेष छूट

मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि फिलहाल असम राज्य में SIR प्रक्रिया लागू नहीं होगी। ज्ञानेश कुमार ने कहा कि असम में नागरिकता कानून (CAA) के तहत अलग प्रावधान लागू हैं और वहां सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में नागरिकता जांच प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 24 जून का SIR आदेश पूरे देश के लिए था, लेकिन असम की विशेष परिस्थितियों को देखते हुए वहां अलग से पुनरीक्षण आदेश जारी किए जाएंगे।

BLO करेंगे तीन बार घर-घर दौरा

चुनाव आयोग ने बताया कि SIR के तहत BLO अधिकतम तीन बार मतदाताओं के घरों का दौरा करेंगे। इस दौरान वे फॉर्मों की जांच, मिलान और लिंकिंग का कार्य करेंगे। BLO यह भी सुनिश्चित करेंगे कि किसी व्यक्ति का नाम दो जगह दर्ज न हो यानी डुप्लिकेट नाम हटाने की प्रक्रिया भी चलेगी।

राजनीतिक दलों को दी जाएगी जानकारी

मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी जल्द ही सभी राजनीतिक दलों के साथ बैठक करेंगे।
इस बैठक में उन्हें SIR प्रक्रिया की पूरी जानकारी दी जाएगी, ताकि वे अपने स्तर पर मतदाताओं को जागरूक कर सकें।

क्या है SIR प्रक्रिया

स्पेशल इंटीग्रेटेड रिवीजन (SIR) चुनाव आयोग की वह प्रक्रिया है, जिसके तहत देशभर की मतदाता सूचियों की सटीकता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाती है। इसमें बूथ स्तर पर जाकर मतदाताओं की पहचान की पुष्टि, पुराने या मृत मतदाताओं के नाम हटाना, और नए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ना शामिल होता है।

चुनाव आयोग का यह कदम आगामी चुनावों को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
फ्रीज की गई मतदाता सूचियों के साथ अब SIR प्रक्रिया शुरू होने से मतदाताओं का डेटा अधिक सटीक होगा, जिससे भविष्य में किसी भी तरह की गड़बड़ी या दोहराव की संभावना कम रहेगी।

 

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एयर नाऊ स्पेशल

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