इम्फाल: मणिपुर में नई सरकार के गठन के महज एक हफ्ते बाद ही हालात एक बार फिर बिगड़ गए हैं। राज्य के उखरुल जिले में मंगलवार को हिंसा भड़क उठी, जहां उपद्रवियों ने कई घरों को आग के हवाले कर दिया। बढ़ते तनाव को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी हैं और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। आगजनी की इस घटना से गांव में दहशत का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, अचानक हुई हिंसा के कारण कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी।
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21 घर जलने की पुष्टि
मणिपुर सरकार के मंत्री गोविंददास कोंथौजम ने सोमवार को बताया कि हिंसा के दौरान कम से कम 21 घरों को जला दिया गया है। उन्होंने कहा कि इलाके में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, लेकिन हालात को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।
पांच दिन के लिए इंटरनेट सेवाएं सस्पेंड
हिंसा और अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए प्रशासन ने उखरुल जिले में पांच दिनों के लिए इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी हैं। अधिकारियों का कहना है कि शांति व्यवस्था बहाल होने तक यह फैसला लागू रहेगा। तांगखुल और कुकी जनजातियों के बीच हाल ही में हुई हिंसक झड़प के बाद उखरुल के लिटन गांव और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई है। संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार गश्त की जा रही है ताकि हालात और न बिगड़ें।
कुकी लोगों की आवाजाही पर रोक
तांगखुल नागा समुदाय के दो संगठनों काथो लॉन्ग और काथो कटमनाओ लॉन्ग ने उखरुल और आसपास के कामजोंग जिले में कुकी लोगों के आने-जाने पर रोक लगाने का ऐलान किया है। इस फैसले के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। राज्य प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है।


