उत्तर प्रदेश : उत्तर प्रदेश विधानमंडल के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ। कार्यवाही शुरू होते ही समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक कोडीन सिरप के मुद्दे पर चर्चा की मांग को लेकर वेल में पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे। इस वजह से सदन की कार्यवाही कुछ देर तक बाधित रही।
Highlights:

कोडीन सिरप पर चर्चा की मांग
सपा विधायकों का कहना था कि राज्य में कोडीन सिरप का गलत इस्तेमाल हो रहा है और इस पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए। विधायक वेल में आकर सरकार के खिलाफ नारे लगाने लगे, जिससे सदन का माहौल गर्म हो गया। इस दौरान राज्य के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सदन में कहा कि कोडीन सिरप से उत्तर प्रदेश में एक भी मौत नहीं हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष बेवजह माहौल खराब कर रहा है। वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि इस मामले में जो भी दोषी पाए गए हैं, उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा गया है। वित्त मंत्री के बयान के बाद सपा विधायक और ज्यादा नाराज हो गए और चर्चा की मांग पर अड़े रहे।

स्पीकर की चेतावनी
हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने स्थिति संभालने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से साफ कर दिया गया है कि कोडीन सिरप से कोई मौत नहीं हुई है। अगर वह सरकार के जवाब से संतुष्ट नहीं होते, तो इस विषय पर चर्चा कराई जाएगी। अध्यक्ष ने सपा विधायकों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर वे अपनी सीटों पर वापस नहीं गए, तो उन्हें कार्रवाई करनी पड़ेगी और वह अपने फैसले से पीछे नहीं हटेंगे। इसके बाद सपा विधायक वेल से हटकर अपनी-अपनी सीटों पर लौट गए, तब जाकर प्रश्नकाल शुरू हो सका।
अनुपूरक बजट होगा पेश
विधानसभा में सुबह 11 बजे से 12:20 बजे तक प्रश्नकाल निर्धारित है। प्रश्नकाल के बाद वित्त मंत्री सुरेश खन्ना वर्ष 2025-26 का दूसरा अनुपूरक बजट सदन में पेश करेंगे। बजट का आकार करीब 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है। इससे पहले मुख्यमंत्री आवास पर कैबिनेट बैठक हुई, जिसमें अनुपूरक बजट को मंजूरी दी गई। इसके बाद सदन में आठ विधेयक भी पेश किए जाएंगे। साथ ही वंदे मातरम् पर लगभग चार घंटे की चर्चा प्रस्तावित है।
विधानसभा के बाहर भी प्रदर्शन
सदन के भीतर हंगामे के साथ-साथ विधानसभा के बाहर भी सपा विधायकों ने प्रदर्शन किया। कई विधायक हाथों में कोडीन सिरप से जुड़े पोस्टर लिए नजर आए। कुछ विधायकों ने पोस्टर पहन रखे थे, जिन पर लिखा था, “कोडीन सिरप बना जहर, माफियाओं का छाया कहर” और “कोडीन से मासूमों की जान गई, भाजपा सरकार नाकाम है।”
सपा का सरकार पर आरोप
सपा विधायक संग्राम सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार कोडीन माफियाओं को बचा रही है। उन्होंने कहा कि इस मामले में सरकार का पूरा संरक्षण माफियाओं को मिल रहा है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई और बुलडोजर चलाने की मांग की थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। कोडीन सिरप को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच टकराव साफ नजर आया। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीति और तेज होने की संभावना है, जबकि सरकार का कहना है कि कानून के तहत कार्रवाई की जा रही है और किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जा रही।


