झारखंड : NTPC की एक कोयला खदान में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पूर्व मंत्री योगेंद्र साव अपनी पत्नी और समर्थकों के साथ तीर–धनुष लेकर खदान परिसर में घुस गए। इस घटना से खदान में काम कर रहे मजदूरों में डर का माहौल बन गया और कोयले का उत्पादन प्रभावित हुआ।
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तीर-धनुष लेकर खदान में घुसे
जानकारी के मुताबिक, योगेंद्र साव आज अपनी पत्नी निर्मला देवी और कुछ सहयोगियों के साथ तीर–धनुष लेकर NTPC की कोयला खदान पहुंचे। वे खदान के अंदर घुस गए, जिससे वहां काम कर रहे मजदूर सहम गए और खनन कार्य रोकना पड़ा। बताया जा रहा है कि योगेंद्र साव बार-बार तीर–धनुष लेकर खदान के भीतर जा रहे हैं। हर बार बाहर निकलने के बाद वे खदान के गेट के पास धरने पर बैठ जाते हैं। सुबह से लेकर अब तक वे कई बार ऐसा कर चुके हैं, जिससे कोयले का उत्पादन लगातार बाधित हो रहा है। यह पहली बार नहीं है जब योगेंद्र साव पर NTPC के काम में बाधा डालने का आरोप लगा हो। इससे पहले उन्होंने कोयला ढुलाई रोकने के लिए रात के समय ढुलाई मार्ग पर दीवार खड़ी कर दी थी। इससे कोयले का परिवहन पूरी तरह ठप हो गया था।
पुलिस के दखल के बाद शुरू हुई थी ढुलाई
जब ढुलाई सामान्य करने के लिए दीवार तोड़ने की कोशिश की गई, तो योगेंद्र साव कुर्सी लेकर उसी दीवार के पास बैठ गए थे। इसके बाद स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने पहले उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन जब वे नहीं माने तो उन्हें जबरन वहां से हटाया गया। इसके बाद दीवार तोड़कर कोयले की ढुलाई दोबारा शुरू कराई गई थी। स्थिति पर नजर फिलहाल NTPC प्रबंधन और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। लगातार हो रही इन घटनाओं से न सिर्फ उत्पादन प्रभावित हो रहा है, बल्कि खदान में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।


