दिल्ली: संसद के बजट सत्र के दौरान लोकसभा में लगातार राजनीतिक टकराव देखने को मिल रहा है। बजट सत्र के छठवें दिन भी सदन की कार्यवाही शांतिपूर्वक नहीं चल सकी। अमेरिका-भारत ट्रेड डील को लेकर विपक्ष के हंगामे के कारण प्रश्नकाल शुरू होते ही लोकसभा की कार्यवाही बाधित हो गई और कुछ ही मिनटों में सदन को स्थगित करना पड़ा।विपक्ष का आरोप था कि इस समझौते को लेकर सरकार संसद को पूरी जानकारी नहीं दे रही है। हंगामे के बीच स्पीकर ओम बिरला ने सांसदों से शांति बनाए रखने और प्रश्नकाल के दौरान व्यवधान न डालने की अपील की। उन्होंने कहा कि सदन की मर्यादा का सभी सदस्यों को ध्यान रखना चाहिए। लगातार शोर-शराबे और नारेबाजी के कारण कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल सकी। इसके बाद स्पीकर ओम बिरला ने लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी। इस तरह सदन की कार्यवाही महज करीब पांच मिनट ही चल पाई।
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धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा जारी
आज भी लोकसभा में बजट 2026 के तहत राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा जारी है। सरकार की ओर से इस चर्चा को अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसी के माध्यम से सरकार अपनी नीतियों और प्राथमिकताओं को सदन के सामने रखती है। इस बीच यह भी तय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शाम करीब 5 बजे राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान लोकसभा को संबोधित करेंगे। उनके संबोधन को लेकर सत्तापक्ष के साथ-साथ विपक्ष की भी नजरें टिकी हुई हैं।
पिछले दो दिनों से जारी है टकराव
बीते दो दिनों से सदन में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच लगातार टकराव देखने को मिल रहा है। खासतौर पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी द्वारा चीन से जुड़े मुद्दे पर दिए गए भाषण को लेकर विवाद गहराया हुआ है। मंगलवार को राहुल गांधी ने सदन में पूर्व सेना प्रमुख की एक अप्रकाशित किताब से जुड़े लेख का हवाला देते हुए चीन की कथित टैंक घुसपैठ का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी बात रखने दी जाए। इस पर एनडीए के सांसदों ने आपत्ति जताते हुए बीच-बीच में टोकना शुरू कर दिया।
हंगामे के बाद विपक्ष का वेल में प्रदर्शन
हंगामा बढ़ने पर उस समय सदन की अध्यक्षता कर रहे स्पीकर कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने राहुल गांधी को रोकते हुए अन्य दलों के सांसदों को बोलने का अवसर देने की बात कही। हालांकि, राहुल गांधी के समर्थन में विपक्षी सांसदों ने बोलने से इनकार कर दिया और नारेबाजी करते हुए सदन के वेल में पहुंच गए। विपक्षी सांसदों द्वारा स्पीकर की कुर्सी की ओर कागज फेंकने की शिकायत मिलने पर पीठासीन अधिकारी दिलीप सैकिया ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने अनुशासनहीनता के आरोप में आठ सांसदों को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया। लगातार हो रहे हंगामे और निलंबन की कार्रवाई के कारण लोकसभा में तनाव का माहौल बना हुआ है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि बजट सत्र की कार्यवाही सुचारू रूप से चल पाती है या नहीं।


