उत्तरप्रदेश : शहर के चर्चित अधिवक्ता अखिलेश दुबे के करीबी और वर्तमान में मैनपुरी जिले के सीओ (भोगाँव) पद पर तैनात ऋषिकांत शुक्ला को निलंबित कर विजिलेंस जांच शुरू कर दी गयी है। एसआईटी की जांच में उनके ऊपर लगभग ₹100 करोड़ से अधिक की संपत्ति बनाने का आरोप सामने आया है।
जांच में पाया गया है कि ऋषिकांत शुक्ला, अपने परिवार, साथियों और साझेदारों के नाम पर मिलकर 12 स्थानों पर लगभग ₹92 करोड़ की संपत्ति के दस्तावेज मिले हैं। तीन अन्य संपत्तियाँ ऐसी थीं जिनके दस्तावेज नहीं मिल सके। उच्चस्तरीय सूत्रों के अनुसार, आर्यनगर में 11 दुकानें उनके पड़ोसी के नाम पर थीं, जिन्हें बेनामी संपत्ति माना जा रहा है।
ऋषिकांत शुक्ला ने एसआई के पद से शुरुआत की थी और लगभग 15 साल तक सीनियर पोस्ट पर बने रहे। इस दौरान उन्होंने कानपुर में नौकरी की और फिर मैनपुरी में सीओ बने। पुलिस के पूर्व कमिश्नर अखिल कुमार के कार्यकाल में शुरू हुए ऑपरेशन महाकाल के तहत गठित एसआईटी ने इस मामले की जांच की थी। इसमें ऋषिकांत शुक्ला की कार्रवाईयाँ सामने आई थीं।
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शासन ने विजिलेंस को इस मामले में जांच की अनुमति दे दी है। जांच में अन्य पुलिसकर्मियों के नाम भी आए हैं, जिनके खिलाफ भी जल्द कार्रवाई हो सकती है।


