रांची: दुर्गा पूजा समिति, महावीर चौक, हटिया इस साल पूजा का 64वां साल मना रही है। इस बार समिति की ओर से एक काल्पनिक मंदिर जैसा पंडाल बनाया जा रहा है। पंडाल की थीम में झारखंड की कला-संस्कृति और पारंपरिक जनजातीय कला की झलक देखने को मिलेगी। पंडाल को कोलकाता से आए कारीगर मिट्टी और दूसरी चीजों से तैयार कर रहे हैं।
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पंडाल की ऊंचाई 51 फीट और चौड़ाई 35 फीट होगी। पंडाल को कई स्तर वाली पैगोडा स्टाइल की छत और शिखर के रूप में बनाया जा रहा है। इसमें पारंपरिक डिजाइन के साथ सींग जैसे डिजाइन भी देखने को मिलेंगे। पंडाल के मुख्य गेट पर सुंदर मेहराब बनाया जा रहा है। रात में इसे रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया जाएगा, जिससे पंडाल और भी आकर्षक दिखेगा।
7.51 लाख की लागत
इस साल पंडाल का मुख्य थीम ट्राइबल आर्ट है। पंडाल के बाहरी हिस्सों को आदिवासी कलाकारों, उनके पारंपरिक रूपों और खास तरह के मुखौटों यानी मास्क के चित्रों या मूर्तियों से सजाया गया है। इस सजावट करने का मुख्य उद्देश झारखंड की कला और संस्कृति को बढ़ावा देना है। पंडाल में नीला, लाल, पीला समेत कई तरह की लाइटें लगायी जाएंगी। इस बार पंडाल के निर्माण में करीब 7 लाख 51 हजार रुपये, लाइटिंग में करीब 2 लाख और मां की मूर्ति में 95 हजार रुपये खर्च होंगे। इस साल पूजा में लगभग 11 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया है। बता दें, कि भकतों के दर्शन के लिए पट षष्ठी को खुलेगा।
बच्चों के मनोरंजन का होगा पूरा इंतजाम
हर साल की तरह इस साल भी बंगाल से घोड़ा नाच बुलाया जाएगा। बच्चों के मनोरंजन के लिए खास झूले और दूसरी सुविधाएं लगाई जाएंगी। पूजा परिसर के आसपास खाने-पीने के कई स्टॉल भी लगाए जाएंगे। यहां श्रद्धालु अलग-अलग तरह के स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद ले सकेंगे।
समिति के सदस्य
दुर्गा पूजा समिति महावीर चौक, हटिया के इस वर्ष के पूजा आयोजन में मुख्य संरक्षक कामता उपाध्याय, प्रेम प्रकाश मिश्रा, मदन दत्त, झामलाल साहू, हृदयानंद उपाध्याय और सहदेव महतो हैं। वहीं,समिति के अध्यक्ष रामकुमार उपाध्याय, वरीय उपाध्यक्ष भोला बर्मन, कृष्ण गोस्वामी और बबलू राम हैं। वहीं मनमोहन मिश्रा सचिव और अरुण चौधरी कोषाध्यक्ष हैं।


