रांची: झारखंड के डुमरी विधानसभा सीट से विधायक व जेएलकेएम पार्टी के मुखिया जयराम महतो पिछले महीने 22 अगस्त को धनबाद के बरवाअड्डा थाना प्रभारी संग हुए कथित विवाद में दर्ज प्राथमिकी में कोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका हासिल कर चुके हैं. हालांकि धनबाद के एमपी-एमएलए कोर्ट से मिली इस अग्रिम जमानत याचिका की शर्तें उनके लिए बेहद मुश्किल साबित होंगे. बता दें कि बीते 14 सितंबर को डुमरी विधायक व तीन अन्य को कोर्ट ने अग्रिम जमानत दी थी.
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दरअसल डुमरी विधायक जयराम महतो और उनके सहयोगियों सुशील मंडल, महेंद्र साव, और राज कुमार मंडल को कोर्ट ने पुलिस के साथ दुर्व्यवहार और सरकारी कार्य में बाधा डालने के केस में अग्रिम जमानत दी तो इस दौरान कोर्ट ने जमानत की 6 शर्तें रखी. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि इन शर्तों के उल्लंघन होने पर अग्रिम जमानत को कभी भी रद्द किया जा सकता है.
जिन शर्तों के साथ डुमरी विधायक को जमानत मिली है उसमें मामले के के सूचक व जांच अधिकारी या उनके परिवार के सदस्यों को किसी भी तरह से परेशान या धमकी नहीं देने की बात कही गई है. इसके अलावा दो जमानतदारों में एक के पैरवीकार और दूसरे के याचिकाकर्ताओं का करीबी रिश्तेदार होने की बात कही गई है. इसके साथ ही कोर्ट ने मामले में आरोप तय होने तक याचिकाकर्ताओं को निचली अदालत में सभी तारीखों पर व्यक्तिगत रूप से यानि सशरीर उपस्थित होने की भी शर्त रखी है.
इसके अलावा कोर्ट ने चेतावनी दी कि एक भी लापरवाही या अनुपस्थिति पर जमानत बांड तुरंत रद्द कर दिया जाएगा. याचिकाकर्ताओं को अदालत के समक्ष अपनी पहचान का प्रमाण पत्र और अपना चालू मोबाइल नंबर जमा करना होगा. वे बिना अदालत की पूर्व अनुमति के इस मोबाइल नंबर को बदल नहीं सकेंगे. सभी याचिकाकर्ता निचली अदालत में चल रही कार्यवाही में पूरी तरह से सहयोग करेंगे.


