बारामती: महाराष्ट्र के बारामती में हुए भीषण विमान हादसे ने पूरे राज्य और देश को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक दुर्घटना में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और एनसीपी नेता अजित पवार का निधन हो गया। उनके साथ विमान में मौजूद चार अन्य लोगों की भी जान चली गई। हादसे के बाद से राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर है। इस विमान हादसे में कुल पांच लोगों की मौत हुई है। मृतकों में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार, उनके पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर हेड कांस्टेबल विदिप जाधव, मुख्य पायलट कैप्टन सुमित कपूर, को-पायलट कैप्टन सांभवी पाठक,
और फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली शामिल हैं।
Highlights:
कोहरे में लैंडिंग बनी हादसे की वजह
बुधवार सुबह बारामती एयरपोर्ट के आसपास घना कोहरा छाया हुआ था, जिससे विजिबिलिटी काफी कम थी। पायलटों ने रनवे-11 पर विमान उतारने की कोशिश की, लेकिन रनवे साफ दिखाई नहीं दिया। इसके बाद विमान को दोबारा ऊपर ले जाया गया। कुछ देर बाद पायलटों ने दूसरी बार लैंडिंग का प्रयास किया। विमान रनवे की दिशा में बढ़ा, लेकिन जमीन को छूने से पहले ही उसका संतुलन बिगड़ गया। विमान पलटता हुआ जमीन से टकरा गया और जोरदार धमाके के साथ आग की चपेट में आ गया।
कॉकपिट के आखिरी शब्द
जानकारी के अनुसार, मुख्य पायलट कैप्टन सुमित कपूर ने कोई मेडे कॉल नहीं दी थी। हालांकि, को-पायलट कैप्टन सांभवी पाठक के आखिरी शब्द रिकॉर्ड हुए, जिसमें वह कहती सुनाई दीं ओह शिट… ओह शिट… इसके तुरंत बाद विमान से संपर्क टूट गया। एयरपोर्ट के पास रहने वाले ग्रामीणों ने बताया कि विमान रनवे से करीब 100 मीटर पहले ही क्रैश हो गया था। एक चश्मदीद के मुताबिक, जब विमान नीचे आ रहा था, तभी लग रहा था कि हादसा होने वाला है। एक अन्य ग्रामीण ने बताया कि रनवे से टकराते ही तेज धमाका हुआ और भीषण आग लग गई। इसके बाद 4-5 और धमाकों की आवाज सुनाई दी। धमाके के बाद विमान के टुकड़े उड़कर आसपास के घरों तक आ गिरे।
ग्रामीणों ने की मदद की कोशिश
आग और धुएं का गुबार उठता देख स्थानीय लोग तुरंत हादसे वाली जगह की ओर दौड़े। ग्रामीणों ने विमान में सवार लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन आग इतनी भयानक थी कि किसी को भी अंदर जाने का मौका नहीं मिल सका। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। आग पर काबू पाया गया और मलबा हटाने का काम शुरू किया गया। फिलहाल विमान हादसे के कारणों की जांच की जा रही है और तकनीकी खराबी व मौसम से जुड़े पहलुओं की गहन जांच की जाएगी। अजित पवार के निधन को महाराष्ट्र की राजनीति के लिए एक बड़ी और अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। उनके आकस्मिक निधन से पूरे राज्य में शोक का माहौल है और हर ओर से श्रद्धांजलि दी जा रही है।


