दिल्ली: राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान लोकसभा में उस समय जोरदार हंगामा हो गया, जब नेता विपक्ष राहुल गांधी ने अपने भाषण में डोकलाम और चीन से जुड़े मुद्दे का जिक्र किया। राहुल गांधी की स्पीच शुरू होने के कुछ ही मिनटों बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई, जिसके चलते सदन की कार्यवाही बाधित हुई।
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किताब के जिक्र से शुरू हुआ विवाद
राहुल गांधी ने अपनी स्पीच की शुरुआत के तीन से चार वाक्यों के बाद पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की एक किताब का हवाला दिया। उन्होंने जैसे ही डोकलाम और चीन से जुड़ी कथित लाइन को कोट किया, सदन में हंगामा शुरू हो गया। राहुल गांधी ने कहा कि आप सब ध्यान से सुनिए कि मैं क्या पढ़ रहा हूं, इससे पता चल जाएगा कि कौन देशभक्त है और कौन नहीं। इसके बाद उन्होंने डोकलाम में चीनी टैंकों के भारत की सीमा के पास आने का जिक्र किया।
रक्षा मंत्री और स्पीकर ने जताई आपत्ति
राहुल गांधी के इस बयान पर सबसे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह खड़े हुए और आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि अगर ये बातें कहीं प्रकाशित हुई हैं तो इसका प्रमाण दिया जाए, नहीं तो इस विषय को छोड़ा जाए। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी राहुल गांधी से आग्रह किया कि जिस किताब या स्रोत का जिक्र किया जा रहा है, उसे सदन में प्रस्तुत किया जाए। राहुल गांधी ने दावा किया कि यह सामग्री सौ प्रतिशत ऑथेंटिक है। इस पर राजनाथ सिंह ने बार-बार पूछा कि क्या यह किताब प्रकाशित हुई है या नहीं। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यह किसी मैगजीन की रिपोर्ट है और जनरल नरवणे ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि मैगजीन कुछ भी लिख सकती है और जो किताब प्रकाशित ही नहीं हुई, उसका जिक्र सदन में नहीं किया जा सकता।
नियमों को लेकर टकराव
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि सदन में केवल अखबार की कटिंग या प्रकाशित सामग्री ही रखी जा सकती है। उन्होंने नियम प्रक्रिया का हवाला देते हुए कहा कि किसी व्यक्ति पर आरोप लगाने से पहले लिखित सूचना देना जरूरी है। इस दौरान राहुल गांधी और सत्ता पक्ष के बीच लगातार बहस होती रही। अध्यक्ष ने कई बार राहुल गांधी से नियमों के तहत बोलने की अपील की। इस बहस में अखिलेश यादव ने कहा कि चीन से जुड़ा मामला संवेदनशील है और अगर यह देश की सुरक्षा से जुड़ा सवाल है तो राहुल गांधी को बोलने दिया जाना चाहिए। वहीं संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सदन नियमों से चलता है और अध्यक्ष की रूलिंग के बाद भी बोलते रहना सही नहीं है।
कार्यवाही स्थगित
करीब 46 मिनट तक चले हंगामे के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही दोपहर 3 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। राहुल गांधी ने अंत में कहा कि वह किसी किताब को नहीं, बल्कि एक मैगजीन के आर्टिकल को कोट कर रहे हैं और चीन–भारत संबंधों पर बोलना किसी नियम का उल्लंघन नहीं है। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान लोकसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखा टकराव देखने को मिला। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा की बजाय सदन नियमों और तथ्यों को लेकर बहस का अखाड़ा बन गया, जिसके चलते कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।


