बिहार : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री को लेकर बिहार की सियासत फिर गरमा गई है। जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने बुधवार को खुलकर कहा कि पार्टी, उसके समर्थक और जनता, तीनों ही निशांत को राजनीतिक दल में शामिल होते देखना चाहते हैं। उन्होंने निशांत से आग्रह किया है कि वे जल्द ही अपना फैसला लें। यह बयान उस समय आया है जब बीजेपी-जेडीयू गठबंधन में सत्ता मजबूत दिखाई दे रही है, और 2025 विधानसभा चुनावों की तैयारियां जोरों पर हैं। निशांत कुमार की सक्रियता, जनरल चुनावी माहौल, नेताओं-समर्थकों की मांग और पार्टी के नेताओं की पहल, इन सबने मिलकर राजनीतिक अफवाहों को हवा दे दी है।
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संजय झा का क्या कहना है?
संजय झा ने कहा है कि जेडीयू और उसकी पार्टी के लोग चाहते हैं कि निशांत जी (निशांत कुमार) पार्टी में आकर काम करें। उन पर भरोसा जताते हुए उन्होंने कहा कि वे पार्टी और उससे जुड़े लोगों के लिए अच्छा काम कर सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब फैसला निशांत के हाथ में है कि वे राजनीति में कदम रखना चाहते हैं या नहीं। उनकी यह टिप्पणी राजनीतिक गलियारों में इस कयास को और बल दे रही है कि जेडीयू उनके लिए कोई सीट तय कर सकती है, या उन्हें राजनीति में धीरे-धीरे लॉन्च किया जा सकता है।
निशांत कुमार इन कुछ महीनों में सार्वजनिक रूप से अधिक दिखने लगे हैं जिसके चलते सम्हवना यह जताई जा रही है कि वे राजनीतिक रूप से सक्रिय होने की दिशा में सोच सकते हैं। कुछ माह पहले ही जेडीयू कार्यालयों के बाहर पोस्टर लगे देखे गए थे, जिनमें लिखा था, बिहार का युवा नेता कैसा हो, निशांत जैसा हो। इसके अलावा उनका एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें कई युवाओं और कार्यकर्ताओं ने उन्हें भविष्य का युवा नेता बताते हुए नारे लगाए थे।
लेकिन, खुद निशांत कुमार ने अब तक इस बारे में कोई स्पष्ट बयान नहीं दिया है। जब उनसे पूछा गया कि क्या वे राजनीति में आएंगे या नहीं। उन्होंने इस पर कुछ कहने से बचते हुए कहा कि देखा जाएगा, अभी किसी भी तरह का फैसला नहीं हुआ है।
जेडीयू के दूसरे नेताओं-परिवार का क्या कहना है?
इस बीच, मुख्यमंत्री के बड़े भाई सतीश कुमार ने साफ कहा है कि परिवार की ओर से यदि निशांत चाहें, तो उन्हें राजनीतिक एंट्री देने में कोई हर्ज नहीं है। उन्होंने बोल्ड अंदाज में कहा कि निशांत प्रबंधन या राजनीति दोनों में चुने जा सकते हैं, परिवार उन्हें पूरी आज़ादी देगा। यह बयान इस कयास को और मजबूत करता है कि जल्द ही जेडीयू नेतृत्व, परिवार और उनके समर्थक मिलकर निशांत कुमार को राजनीति में शामिल करने की तैयारी कर सकते हैं।
विपक्ष और राजनीतिक
वहीं, विपक्ष ने इस संभावित एंट्री को सीएम परिवारवाद की शुरुआत बता कर जोरदार आलोचना करने की तैयारी शुरू कर दी है। उनका कहना है कि यह कदम उत्तराधिकारी तय करने की प्रक्रिया जैसा होगा ,जो लोकतांत्रिक राजनीति के लिए ठीक नहीं है। कई नेताओं का कहना है कि पार्टी और जनता की उम्मीदों को पूरा करना हो तो सिर्फ नाम या वंश से काम नहीं चलेगा।
फिलहाल यह कहना मुश्किल है कि आने वाले दिनों में निशांत कुमार राजनीति में कदम रखेंगे या नहीं, लेकिन इतना तय है कि अब सियासी गलियारों की निगाहें उन पर और उनकी प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।


