Tuesday, July 7, 2026

रांची : धोखाधड़ी से जुड़े मामले में प्रेमसंस के मालिक पुनीत पोद्दार एवं अन्य पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार, कोर्ट से नहीं मिली राहत

रांची : झारखंड की राजधानी रांची के प्रतिष्ठित ऑटोमोबाइल डीलर प्रेमसंस मोटर्स के मालिकों व अन्य के खिलाफ दर्ज धोखाधड़ी के एक मामले में सिविल कोर्ट से उन्हें फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है. अधिवक्ता विवेक आर्य की ओर से दर्ज कराई गई प्राथमिकी मामले में आरोपियों की ओर से दायर अग्रिम जमानत याचिका दायर पर सुनवाई के दौरान कोर्ट में आरोपियों की ओर से नो कोर्सिव की मांग की गई.

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नो कोर्सिव की मांग

इस दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि इस मामले में चुटिया थाना में दर्ज प्राथमिकी में पुलिस जांच के दौरान किसी भी आरोपी के खिलाफ कोई दंडात्मक या पीड़क कार्रवाई नहीं करे हालांकि कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की मांग को फिलहाल मानने से इंकार कर दिया. आरोपियों में प्रेमसंस मोटर्स के निदेशक पुनीत पोद्दार और अवध पोद्दार, कंपनी के सेल्स मैनेजर शैलेश कुमार और जनरल मैनेजर लिंगराज पत्ताजोशी शामिल हैं.

ये है मामला

मिली जानकारी के अनुसार यह मामला अधिवक्ता विवेक आर्य के भाई के प्रेमसंस मोटर्स से एक कार खरीदने के लिए राशि का भुगतान किया था. प्रक्रिया के दौरान अधिवक्ता विवेक आर्य को कुछ ऐसे साक्ष्य और जानकारियां मिलीं जिससे यह खुलासा हुआ कि प्रेमसंस मोटर्स के मालिक और कर्मचारी मिलकर आम जनता को अपनी ठगी और जालसाजी का शिकार बना रहे हैं. कंपनी आम लोगों को गुमराह कर, उनके पैसे हड़पकर उन्हें भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाती है. अधिवक्ता ने साक्ष्यों के आधार पर सालाना लगभग 36 करोड़ रुपये की भारी-भरकम ठगी किए जाने का सनसनीखेज मामला दर्ज करवाया है.

13 जुलाई को अगली सुनवाई 

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने चुटिया थाना की पुलिस को मामले से संबंधित केस डायरी जल्द से जल्द कोर्ट में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया. अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 13 जुलाई 2026 की तारीख निर्धारित की है. तब तक अभियुक्तों पर गिरफ्तारी की तलवार लटकती रहेगी.

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