झारखंड संयुक्त सिविल सेवा (JPSC) में कथित गड़बड़ी और धांधली के आरोपों की CBI जांच के लिए दायर जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को सुनवाई हुई. सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकान्त, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच में इस जनहित याचिका पर सुनवाई हुई. पिछली सुनवाई में शीर्ष अदालत ने झारखंड सरकार और झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था. लेकिन अब तक अदालत के आदेश के आलोक में सरकार की ओर से जवाब दाखिल नहीं किया गया है.
सोमवार को अदालत ने इस मामले को दूसरी बेंच में सुनवाई के लिए भेजते हुए केस को दूसरे कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया है. यह याचिका सामाजिक कार्यकर्ता हरिशरण देवगन की ओर जनहित याचिका दायर की गई है. इस मामले में JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच की ओर से दो हस्तक्षेप याचिकाएं भी दायर की गई हैं. सुप्रीम कोर्ट अब इस जनहित याचिका पर अगले सप्ताह सुनवाई करेगा. इस मामले में राज्य सरकार की ओर से देश के वरीय अधिवक्ता कपिल सिब्बल और प्रज्ञा सिंह बघेल ने बहस की. वहीं प्रार्थियों और हस्तक्षेप याचिका दायर करने वालो की ओर से झारखंड हाईकोर्ट के अधिवक्ता कुमार हर्ष भी उपस्थित रहे.


