हजारीबाग: केरेडारी स्थित चट्टी बारियातु साउथ कोल परियोजना से जुड़े नोटिफिकेशन को रद्द करने की मांग को लेकर प्रखंड के 11 गांवों के हजारों भू-रैयतों ने सोमवार को मशाल जुलूस निकाला. इस दौरान ग्रामीणों ने अधिसूचना का विरोध करते हुए कोल कंपनियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. ग्रामीणों ने बताया कि मंगलवार को प्रखंड सह अंचल कार्यालय में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा. इसमें बड़ी संख्या में भू-रैयतों के शामिल होंगे और सीबी साउथ कोल परियोजना से जुड़ी अधिसूचना को रद्द करने की मांग उठाई जाएगी.
इसे भी पढ़ें : रांची में रातू गैंगरेप मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को किया गिरफ्तार, पूछताछ जारी
मशाल जुलूस में शामिल ग्रामीणों के हाथों में मशाल और तख्तियां थीं. इस दौरान “एनटीपीसी वापस जाओ” और “नोटिफिकेशन रद्द करो” जैसे नारे लगाए गए. ग्रामीणों ने कहा कि वे अपनी पुश्तैनी और उपजाऊ जमीन किसी भी कीमत पर किसी कंपनी को नहीं देंगे. ग्रामीणों का कहना था कि उनकी जमीन और अस्तित्व का सवाल जुड़ा हुआ है. उन्होंने कहा कि जिस धरती को उनके पूर्वजों ने वर्षों से संभालकर रखा है, उसे वे किसी भी स्थिति में छिनने नहीं देंगे.
ग्रामीणों के अनुसार, केंद्र सरकार के कोयला मंत्रालय की ओर से सीबी साउथ कोल परियोजना को लेकर अधिसूचना जारी की गई है. इसके तहत प्रखंड के 11 गांवों की करीब 1839 एकड़ जमीन अधिग्रहण के दायरे में आने की बात कही गई है. ग्रामीणों का कहना है कि इससे इन 11 गांवों के हजारों भू-रैयतों के सामने अपने अस्तित्व और जमीन को बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है. अधिसूचना जारी होने के बाद से ही ग्रामीण इसका विरोध कर रहे हैं और इसे रद्द करने की मांग कर रहे हैं.


