न्यूज डेस्क: खूंटी के मारंगहादा थाना क्षेत्र स्थित पतरा टोली गांव में एक व्यक्ति को मृत समझकर परिजनों ने पूरे रीति-रिवाज के साथ उन्हें दफना दिया, लेकिन कुछ दिनों बाद वहीं शख्स अचानक जिंदा घर लौट आया. इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है, वहीं पुलिस और प्रशासन भी असली मृतक की पहचान को लेकर उलझन में पड़ गए हैं. फिलहाल पुलिस अज्ञात की पहचान कर रही है.
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मृतक जिंदा घर पहुंचा
जानकारी के अनुसार, 10 मई को गांव निवासी विश्राम मुंडा एक शादी समारोह में शामिल होने डडगामा गांव गए थे और वे अचानक लापता हो गए. परिजनों ने उनकी काफी तलाश की, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया. इसी बीच 11 मई को खूंटी थाना क्षेत्र में एक नाली में पुलिस को एक अज्ञात शव मिला था. शव की पहचान कराने के दौरान विश्राम मुंडा के परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और शव की पहचान विश्राम मुंडा के रुप में की.
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परिजनों ने की थी शव की पुष्टि
वहीं शव को लेकर बताया गया कि उनकी कद-काठी और चेहरा बल्कुल विश्राम मुंडा से मिलता-जुलता था. ऐसे में परिजनों और ग्रामीणों को किसी तरह का संदेह नहीं हुआ. जिसके बाद पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी कर परिजनों को शव सौंप दिया. परिजनों और ग्रामीणों ने सामाजिक परंपराओं के अनुसार अंतिम संस्कार कर शव को दफना दिया था.
लेकिन कुछ दिन बाद विश्राम अचानक खूंटी स्थित अपनी बेटी के किराए के घर पहुंच गए. उन्हें जिंदा देखकर परिवार के लोग हैरान रह गए और देखते ही देखते यह खबर पूरे इलाके में फैल गई और गांव में चर्चा का विषय बन गई.
शव की वास्तविक पहचान में जुटी पुलिस
विश्राम मुंडा ने अपने परिजनों को बताया कि वो बिना किसी को सूचना दिए रामगढ़ चले गए थे. वहीं इस पूरे मामले को लेकर गांव में ग्रामसभा की बैठक भी बुलाई गई. पंचायत मुखिया प्रेम टूटी ने इस भूल के लिए ग्रामीणों की ओर से माफी मांगी. वहीं पुलिस अब उस अज्ञात शव की वास्तविक पहचान कर रही है, जिसे विश्राम मुंडा समझकर अंतिम संस्कार कर दिया गया था.
मामले को लेकर डीएसपी वरुण रजक ने कहा कि इस मामले में दोबारा से कानूनी प्रक्रिया शुरू की जा रही है. फिलहाल पुलिस डीएनए जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मृतक की असली पहचान सुनिश्चित करने की कोशिश करेगी, ताकि उसके वास्तविक परिजनों तक इसकी सूचना दी जा सकें.


