न्यूज डेस्क : गोपालगंज के एमपी-एमएलए कोर्ट में शनिवार को हुई सुनवाई के बाद मोकामा के जेडीयू विधायक अनंत सिंह और सिंगर गुंजन सिंह को गिरफ्तारी से फिर राहत मिली है. हालांकि कोर्ट ने कुख्यात बदमाश गुड्डू राय समेत अन्य को राहत देने से इंकार कर दिया. बता दें कि विधायक अनंत सिंह पर मीरगंज थाने में आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज किया गया था. वहीं इस मामले की जांच की जिम्मेदारी अब सीआईडी को सौंप दी गई है. इस मामले की अगली सुनवाई अब 5 जून को होगी.
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दोनों पक्षों की सुनी दलील
इस मामले को लेकर बचाव पक्ष की ओर से वरीय अधिवक्ता राजेश पाठक, अतुल शाही जबकि गुड्डू राय और उनके परिजनों ने वरीय अधिवक्ता रामनाथ साहु, अजात शत्रु ने कोर्ट से कहा कि अभियोजन की ओर से कोई सबूत, एफएसएल रिपोर्ट और जांच की प्रगति नहीं दी गई है. उन्होंने यह भी कहा, इस कोर्ट में अभियोजन पदाधिकारी का आना कुछ और ही इशारा कर रहा. वहीं उन्होंने 10 दिन का समय मांगा. कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद इस केस का फैसला सुरक्षित कर इस मामले में जमानत की अर्जी पर अपना फैसला सुनाया.
अधिवक्ता ने कहा सिंगर गुंजन का कोई दोष नहीं
वरीय अधिवक्ता राजेश पाठक ने सिंगर गुंजन सिंह का पक्ष रखते हुए कहा कि वह कलाकार हैं उनके अरेस्टिंग पर रोक लगाई जाए. वायरल वीडियो में स्पष्ट नजर आ रहा है कि विधायक अनंत सिंह और गुंजन सिंह का कोई दोष नहीं है. इस वीडियो में कहीं भी अश्लील मुजरा नहीं दिख रहा है. अश्लील गीत के साथ वीडियो को वायरल किया गया, वहां अनंत सिंह थे भी नहीं.
वहीं अभियोजन पक्ष से जिला लोक अभियोजक देव वंश गिरी उर्फ भानु गिरी ने कोर्ट को बताया कि मीरगंज थाना इलाके के सेमराव गांव के कुख्यात गुड्डू राय के घर जनेऊ के कार्यक्रम में अनंत सिंह अपने समर्थकों के साथ शामिल होने पहुंचे थे. वहीं उनके साथ गायक गुंजन सिंह भी थे. कोर्ट में सुनवाई के दौरान गहमागहमी का माहौल था.
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सीआईडी करेंगी जांच
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गोपालगंज पुलिस ने मामले से जुड़ी पूरी फाइल बिहार सीआईडी को ट्रांसफर कर दी है. नए सिरे से अब इस केस की जांच सीआईडी करेगी. जिसमें वह यह भी पता लगाने का प्रयास करेगी कि वायरल वीडियो में दिख रहे हथियार लाइसेंसी थे या नहीं. वहीं कार्यक्रम के दौरान किन परिस्थितियों में उनका प्रदर्शन किया गया. इसके साथ ही कोर्ट में अश्लील गीत पर भी विस्तार से चर्चा किया गया.
नाबालिगों का केस किशोर न्याय बोर्ड को सौंपा
कार्यक्रम के दौरान अश्लील गानों पर हथियार लहराते हुए डांसर के साथ ठुमका लगाने के मामले में वीडियो में प्रतिबंधित हथियार होने की आशंका जताई गई थी. पुलिस कप्तान विनय तिवारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए वायरल वीडियो को एफएसएल जांच के लिए भेजा था. जिसे लेकर कोर्ट में अबतक एसएफएल रिपोर्ट नहीं आया है. वहीं बचाव पक्ष के अधिवक्ता अजात शत्रु ने कोर्ट को बताया कि पुलिस ने 9 लोगों को अभियुक्त बनाया है, उसमें से 2 नाबालिग है. जिनका केस किशोर न्याय बोर्ड को सौंपा जाए, जबकि 1 आरोपित ट्रेस लेस है.


