रांची : हजारीबाग वन भूमि घोटाला में एसीबी ने 14 पन्नों की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी है. इस चार्जशीट में एजेंसी ने 13 गवाहों की सूची भी सौंपी है. गवाहों की सूची में तत्कालीन अंचल अधिकारी, राजस्व कर्मी, एसीबी के डीएसपी और अन्य अधिकारियों को शामिल किया गया है. ACB ने अपनी चार्जशीट में बताया है कि हजारीबाग में DC रहने के दौरान विनय चौबे ने विनय सिंह की पत्नी के नाम पर खरीदी गई वन भूमि के म्यूटेशन के लिए अपने नीचे कार्यरत अधिकारियों पर दबाव बनाया था.
इसके साथ ही ACB ने इस बात के सबूत भी कोर्ट में पेश किए हैं कि विनय चौबे और विनय सिंह के बीच व्यापारिक संबंध भी है. ACB ने जो साक्ष्य कोर्ट में जमा किए हैं उसके मुताबिक विनय चौबे की पत्नी स्वप्ना संचिता उनके साले शिपिज त्रिवेदी समेत अन्य पारिवारिक सदस्यों और विनय सिंह की कंपनी के बीच करोड़ों रुपये का लेनदेन हुआ है.
वहीं ACB ने इस बात के पुख्ता साक्ष्य भी पेश किए हैं कि विनय चौबे ने अपने पद का दुरुपयोग कर आय से अधिक संपत्ति अर्जित की है और यह संपत्ति उनकी कुल कमाई से लगभग 53 प्रतिशत ज्यादा है और विनय चौबे एवं उनके परिवार के लोगों के साथ विनय सिंह की कंपनी के बीच 50 से ज्यादा बैंक ट्रांजेक्शन हुए हैं जिससे करोड़ों रुपए का लेनदेन हुआ है.
ACB ने जिस भूमि को लेकर प्राथमिकी दर्ज की गई है वह विनय सिंह और उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह के नाम है और उन्हें यह भूमि दिलवाने और उसका म्यूटेशन करवाने में तत्कालीन डीसी विनय चौबे और अंचल अधिकरियों समेत वहां के ब्रोकरों की भी बड़ी भूमिका थी. यह भूमि हजारीबाग के सदर अंचल के थाना नंबर 252 में स्थित है. जिसका खाता नंबर 95, प्लाट नंबर 1055, 1060 और 848 जिसका कुल रकबा 28 डिसमिल एवं खाता नंबर 73, प्लाट नंबर 812 का रकबा 72 डिसमिल है. यह भूमि सदर अंचल के बभनवे मौजा के हल्का 11 में स्थित है. उक्त खाता प्लाट की भूमि पर विनय सिंह और उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह का दखल कब्जा है और फिलहाल इसपर नेक्सजेन का शोरूम संचालित है.


